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बलिदान दिवस पर गांधी प्रतिमा का हुआ अनावरण
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:24 AM IST
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बूढनपुर। गांधी शताब्दी स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोयलसा परिसर में गांधी जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को उनकी मूर्ति का अनावरण किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि लोक सेवा आयोग के अध्य्क्ष डा. अनिरुद्ध सिंह यादव ने गांधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम से बना यह विद्यालय देश ही नहीं विदेश में अपना परचम लहरा रहा है। व्यक्ति को सबसे बड़ी आजादी तब मिलती है जब वह शिक्षित होता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज का निर्माण करता है। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य रामअवध यादव ने कहा कि गांधी जी चाहते थे कि गांव के किसानों को इतनी सुविधा दे देनी चाहिए। जिससे किसान देश को धन धान्य से संपन्न कर सके और जिससे देश में राम राज आ सके। अध्यक्षता कर रहे माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरिनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षक ही समाज का वह दर्पण है। जो कुरीतियों और अंधविश्वासों से लडने के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधी जी भारत के राष्ट्रपिता ही नहीं बल्कि उन्हें जगत गुरु कहना गलत नहीं होगा। प्राचार्य डा. उमाशंकर सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. नरेंद्र नाथ यादव, डा. दिनेश सिंह, डा. ओमप्रकाश सिंह, डा. अशोक सिंह, डा. नितिन सिंह, आशा सिंह, दुर्गावती सिंह, गीता सिंह, साजन सिंह आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि गांधी जी के नाम से बना यह विद्यालय देश ही नहीं विदेश में अपना परचम लहरा रहा है। व्यक्ति को सबसे बड़ी आजादी तब मिलती है जब वह शिक्षित होता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज का निर्माण करता है। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य रामअवध यादव ने कहा कि गांधी जी चाहते थे कि गांव के किसानों को इतनी सुविधा दे देनी चाहिए। जिससे किसान देश को धन धान्य से संपन्न कर सके और जिससे देश में राम राज आ सके। अध्यक्षता कर रहे माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरिनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षक ही समाज का वह दर्पण है। जो कुरीतियों और अंधविश्वासों से लडने के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधी जी भारत के राष्ट्रपिता ही नहीं बल्कि उन्हें जगत गुरु कहना गलत नहीं होगा। प्राचार्य डा. उमाशंकर सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. नरेंद्र नाथ यादव, डा. दिनेश सिंह, डा. ओमप्रकाश सिंह, डा. अशोक सिंह, डा. नितिन सिंह, आशा सिंह, दुर्गावती सिंह, गीता सिंह, साजन सिंह आदि उपस्थित थे।
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