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अल्पसंख्यक विभाग का खेल, अवैध शिक्षकों का भी जारी किया वेतन
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:44 AM IST
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आजमगढ़। जिले में अल्पसंख्यक विभाग का खेल अभी भी जारी है। पूर्व में हुई जांच में जिन मदरसा शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति में गड़बड़ झाला पाया गया था और उनका वेतन रोकने की कवायद की गई थी, उन्हें पुन: वेतन जारी कर दिया गया है। जिस पर गुरुवार को मदरसा अशरफिया सेराजुल ओलूम के सदस्य साधारण सभा के सदस्य ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नये सिरे से जांच कराने और कार्रवाई की मांग उठायी है। प्रदेश में नयी सरकार के गठन के पश्चात मदरसों को ग्रांट जारी करने के पूर्व जांच-पड़ताल करायी गई थी। जिले में तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने निरंकार सिंह, सुनील सिंह व एक अन्य अधिकारी की टीम बना कर जिले में स्थित मदरसों की जांच करायी थी। जांच में 16 मदरसा शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति में झोल सामने आया था। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी और जिलाधिकारी ने उक्त रिपोर्ट को रजिस्टार मदरसा बोर्ड भेज दिया। जिस पर रजिस्टार ने संदिग्ध पाये गये 16 शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फरमान जारी कर दिया। इसके पश्चात लगभग दो माह पूर्व इन शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन को पुन: जारी कर दिया गया। शिकायत कर्ता मंजूरूल हसन ने गुरुवार को नये सिरे से जिलाधिकारी को पत्रक दिया। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने रजिस्टार राहुल गुप्ता के साथ मिलीभगत कर वेतन जारी कराने का काम किया है। उन्होंने इस प्रकरण की पुन: जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
आजमगढ़। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह स्वयं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की कवायद में जुटे है। इस कार्यालय में मदरसा अरबिया अनवारूल ओलूम के प्रबंधक जुल्फेखार अहमद खां और मदरसा जामिया नुरूल ओलूम मुबारकपुर के अध्यक्ष जहीन अहमद अक्सर ही बैठे मिलेंगे। इनकी मदद से ही मदरसो में भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम दिया जा रहा है।
रजिस्टर मदरसा बोर्ड के निर्देश पर ही शिक्षकों/कर्मचारियों का वेतन रोका गया था और रजिस्टार के आदेश पर ही लगभग दो-तीन माह पूर्व से वेतन जारी कर दिया गया है। इस कवायद में स्थानीय कार्यालय का कोई हाथ नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही वेतन जारी किया गया है।
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साहित्य निकष सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, आजमगढ़।
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भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
आजमगढ़। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह स्वयं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की कवायद में जुटे है। इस कार्यालय में मदरसा अरबिया अनवारूल ओलूम के प्रबंधक जुल्फेखार अहमद खां और मदरसा जामिया नुरूल ओलूम मुबारकपुर के अध्यक्ष जहीन अहमद अक्सर ही बैठे मिलेंगे। इनकी मदद से ही मदरसो में भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम दिया जा रहा है।
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रजिस्टर मदरसा बोर्ड के निर्देश पर ही शिक्षकों/कर्मचारियों का वेतन रोका गया था और रजिस्टार के आदेश पर ही लगभग दो-तीन माह पूर्व से वेतन जारी कर दिया गया है। इस कवायद में स्थानीय कार्यालय का कोई हाथ नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही वेतन जारी किया गया है।
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साहित्य निकष सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, आजमगढ़।