फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   मंडलीय अधिकारी करेंगे आवास के बदले घूस की जांच

मंडलीय अधिकारी करेंगे आवास के बदले घूस की जांच

Sun, 05 Aug 2018 11:48 PM IST
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
मंडलीय अधिकारी करेंगे आवास के बदले घूस की जांच
आजमगढ़। पवई ब्लाक में आवास के लिए लाभार्थियों के चयन में प्रति आवास 15 हजार की वसूली का प्रकरण शासन तक पहुंच गया है। ब्लाक के प्रधानों ने कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य, ओमप्रकाश राजभर से मामले की शिकायत की है। तीनों मंत्रियों ने आयुक्त ग्राम्य विकास से कहा है कि शिकायतकर्ताओं के जनपदीय अधियारियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए मामले की जांच किसी मंडलीय अधिकारी से कराई जाए। आयुक्त ग्राम्य विकास ने कमिश्नर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास को लेकर इस समय पवई ब्लाक चर्चाओं में हैं। प्रधान बीडीओ पर प्रधानमंत्री आवास के पंजीकरण के नाम पर प्रति लाभार्थी 15 हजार रुपये वसूलने के आरोप लगा रहे हैं। ग्राम आंधीपुर की प्रधान अनारा देवी ने ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह से, दत्तापुर के प्रधान दिलीप ने पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर से और प्रधान अनीता देवी, लक्ष्मण यादव, रामचंद्र, प्रतापू आदि ने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से मामले की शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद तीनों मंत्रियों ने आयुक्त ग्राम्य विकास नागेंद्र प्रसाद सिंह को निर्देशित किया है कि प्रकरण गंभीर है। तीनों मंत्रियों का पत्र मिलने के बाद आयुक्त ग्राम्य विकास नागेंद्र सिंह ने कमिश्नर आजमगढ़ को मामले की जांच किसी मंडलीय अधिकारी से करा कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यदि शासन स्तर से किसी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पवई ब्लाक के प्रधान इससे पहले डीएम और सीडीओ से मामले की शिकायत कर चुके हैं। कोटवा में प्रधानों के सम्मेलन के बाद और कलक्ट्रेट में भी जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। प्रधान सीडीओ के पास भी पहुंचे थे। कुछ प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीडीओ की जांच ऐसे अधिकारी से कराने से की बात कही जा रही थी जो इस मामले में संदिग्ध है।
विज्ञापन

प्रधानों के इन आरोपों का खंडन करते हुए बीडीओ पवई ने प्रधानों पर ही अपात्रों की सूची देने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि प्रधान अपात्रों का चयन कराना चाहते हैं। सचिव को गांव में जाकर सत्यापन नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं, प्रधानों का कहना था बीडीओ वसूली के फेर में प्रधानों की नहीं सुन रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed