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माता सीता की प्रतिमा की हुई प्राण प्रतिष्ठा
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:47 PM IST
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आजमगढ़। नगर के गुरुघाट स्थित रामजानकी मंदिर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन माता सीता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा शास्त्रीय विधि से यज्ञाचार्य पंडित शशिधर मिश्र ने संपन्न कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ वेदी पूजन से हुआ। इस अवसर पर ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह मयंक ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के युग में विश्व की नारियों के लिए माता सीता के दिव्य आदर्श अनंतकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे। यज्ञ समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद तिवारी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अनन्य सहचरी एवं प्राणवल्लभा सीतमा ने विश्व में अन्याय का निरसन और शांति सुव्यवस्था बहाल करने के लिए श्रीराम के विराट व्यक्तित्व में उर्जा और साहस का संचार किया। इस अवसर पर संजय कुमार पांडेय, महंत यदुनाथ पांडेय, अजय कुमार पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ वेदी पूजन से हुआ। इस अवसर पर ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह मयंक ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के युग में विश्व की नारियों के लिए माता सीता के दिव्य आदर्श अनंतकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे। यज्ञ समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद तिवारी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अनन्य सहचरी एवं प्राणवल्लभा सीतमा ने विश्व में अन्याय का निरसन और शांति सुव्यवस्था बहाल करने के लिए श्रीराम के विराट व्यक्तित्व में उर्जा और साहस का संचार किया। इस अवसर पर संजय कुमार पांडेय, महंत यदुनाथ पांडेय, अजय कुमार पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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