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ई-हास्पिटल में तब्दील होगा मंडलीय अस्पताल
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:49 PM IST
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आजमगढ़। जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय अस्पताल को ई-हास्पिटल मेें तब्दील करने की कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही इस अस्पताल में लखनऊ के मेडिकल कालेज व पीजीआई की तर्ज पर पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा। मरीजों के पंजीकरण से लेकर डिस्चार्ज होने तक का आंकड़ा कंप्यूटर पर ऑनलाइन रहेगा।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएल केशरवानी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप मंडलीय अस्पताल को ई-हास्टिपल में तब्दील करने की कवायाद तेजी से चल रही है। शासन ने इसके लिए लगभग 45 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। फिलहाल नेटवर्क टावर खड़ा करने और केबलिंग का कार्य अंतिम दौर में है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर, जांच केंद्र व डॉक्टरों की ओपीडी आदि को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा। मरीज का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कर एक कार्ड बना दिया जाएगा और उसी कार्ड से ही मरीज डॉक्टरों को दिखाने से लेकर जांच, रिपोर्ट आदि भी कराएंगे। संभवत: पंद्रह दिनों में ई-हास्पिटल का कार्य पूरा हो जाएगा और इस माह के अंत तक अस्पताल में कार्य ऑनलाइन शुरू भी हो जाएगा। पहले चरण में अस्पताल में तीस नए कंप्यूटर लगा कर इस योजना की शुरूआत की जाएगी।
ई-हास्पिटल से फायदे-
इससे मरीजों को यह सुविधा होगी कि अस्पताल आने पर उन्हें अपने साथ रिपोर्ट, दवा की पर्ची आदि साथ लेकर नहीं आना पड़ेगा। इसके साथ ही डॉक्टरों को भी जांच रिपोर्ट आदि उनके कंप्यूटर पर ही उपलब्ध होगा।
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प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएल केशरवानी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप मंडलीय अस्पताल को ई-हास्टिपल में तब्दील करने की कवायाद तेजी से चल रही है। शासन ने इसके लिए लगभग 45 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। फिलहाल नेटवर्क टावर खड़ा करने और केबलिंग का कार्य अंतिम दौर में है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर, जांच केंद्र व डॉक्टरों की ओपीडी आदि को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा। मरीज का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कर एक कार्ड बना दिया जाएगा और उसी कार्ड से ही मरीज डॉक्टरों को दिखाने से लेकर जांच, रिपोर्ट आदि भी कराएंगे। संभवत: पंद्रह दिनों में ई-हास्पिटल का कार्य पूरा हो जाएगा और इस माह के अंत तक अस्पताल में कार्य ऑनलाइन शुरू भी हो जाएगा। पहले चरण में अस्पताल में तीस नए कंप्यूटर लगा कर इस योजना की शुरूआत की जाएगी।
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ई-हास्पिटल से फायदे-
इससे मरीजों को यह सुविधा होगी कि अस्पताल आने पर उन्हें अपने साथ रिपोर्ट, दवा की पर्ची आदि साथ लेकर नहीं आना पड़ेगा। इसके साथ ही डॉक्टरों को भी जांच रिपोर्ट आदि उनके कंप्यूटर पर ही उपलब्ध होगा।
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