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श्रीराम के जयकारों से गूंजा संस्थान
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:43 PM IST
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पल्हनी(आजमगढ़)। शंभूपुर गहजी स्थित मां शारदा शिक्षण संस्थान में चल रहे श्रीरामकथा में चौथे दिन मंडप परिक्रमा को भक्तों की भीड़ रही। सभी ने मंडप परिक्रमा की और मन्नत मांगी।
प्रवचनकर्ता चंद्रकला शास्त्री ने मानस के माध्यम से पिता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी और राजा का प्रजा के साथ के संबंध और कर्तव्य का वर्णन किया। इस क्रम में उन्होंने प्रभु श्रीराम और माता सीता के उपवन में प्रथम बार परस्पर दर्शन की कथा का वर्णन किया। इस दौरान लगे श्रीराम के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा। वहीं मानस मर्मज्ञ दशरथ राय रथेश ने प्रभु श्रीराम और लवकुश संवाद का जीवंत चित्रण किया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक फौजदार सिंह, डा. दिवाकर सिंह, हृदयनारायण सिंह, प्रभात कुमार श्रीवास्तव, राममिलन सिंह, आद्याशंकर चौबे, हरिवंश आदि मौजूद रहे।
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प्रवचनकर्ता चंद्रकला शास्त्री ने मानस के माध्यम से पिता-पुत्र, भाई-भाई, पति-पत्नी और राजा का प्रजा के साथ के संबंध और कर्तव्य का वर्णन किया। इस क्रम में उन्होंने प्रभु श्रीराम और माता सीता के उपवन में प्रथम बार परस्पर दर्शन की कथा का वर्णन किया। इस दौरान लगे श्रीराम के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा। वहीं मानस मर्मज्ञ दशरथ राय रथेश ने प्रभु श्रीराम और लवकुश संवाद का जीवंत चित्रण किया। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक फौजदार सिंह, डा. दिवाकर सिंह, हृदयनारायण सिंह, प्रभात कुमार श्रीवास्तव, राममिलन सिंह, आद्याशंकर चौबे, हरिवंश आदि मौजूद रहे।
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