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चूल्हे की चिंगारी से 60 लोगों की 163 मड़ई जली
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:29 PM IST
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आग
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महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी देवारा निबियहवा गांव की निषाद बस्ती में सोमवार की दोपहर चूल्हे से उड़ी चिंगारी से रामजी के मड़ई में आग लग गई। तेज हवा के चलते देखते ही देखते यह आग गांव के 60 लोगों की 163 मड़ईयों, कच्चे और पक्के मकान को अपनी आगोश में ले ली। इस घटना में लोगों का रुपये, कपड़ा, गहना, राशन आदि सामान जलकर नष्ट हो गया।
घर का बचा हुआ सामान लोग खेत में रख दिए हैं। दमकल विभाग की चार गाडिय़ों की मदद से गांव के लोग किसी तरह से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की इस घटना पर काबू पाए। आग बुझाने के चक्कर में एक व्यक्ति मामूली रुप से झुलस गया। घटना के बाद बस्ती के लोग खुलेआसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गए। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार सगड़ी मौके पर पहुंचे और गांव वालों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया।
महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी देवारा निबियहवा गांव के निषाद बस्ती में करीब 80 घर लोग रहते हैं। इनमें से कुछ लोगों के पास पक्के और कच्चे मकान है। जबकि ज्यादातर लोग मड़ई डालकर परिवार के साथ रहते हैं। गांव वालों के मुताबिक सोमवार की दोपहर रामजी निषाद के घर की महिलाएं भोजन बनाकर चूल्हे की आग को छोड़ दी थी।
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तेज हवा का झोंका चलने पर चूल्हे से चिंगारी उड़ी और उसके मड़ई में पकड़ ली। तेज धुआं और लपटें उठने पर घटना की जानकारी हुई तो लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। तभी तेज हवा का झोंका चला और आग अगल-बगल की मड़ईयों को अपनी आगोश में लेते चली गई। हवा के चलते ही आग बहुत ही कम समय में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले ली । ग्रामीण आग पर काबू पाने का प्रयास करते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
कुछ ही देर मेें फायर स्टेशन महराजगंज की दो गाडिय़ां पहुंच गई, आग की भयावह स्थिति को देखने के बाद जिला मुख्यालय से दो और गाडिय़ों को बुलाना पड़ा। फायरकर्मी ग्रामीणों की मदद से आग की घटना पर करीब चार घंटे की मशक्कत करते हुए शाम पांच बजे तक काबू पाए, लेकिन तब तक गांव के 60 लोगों की 163 मड़ईयां और भीतर रखे गए रुपये, कपड़े, गहना, राशन आदि जलकर नष्ट हो गया। लोग अपने बचे हुए सामानों को आसपास के गेहूं के खेत में बचाकर रखे हुए हैं।
आग बुझाने के चक्कर में गांव के झगड़ू निषाद मामूली रुप से झुलस गए। घटना के बाद इस बस्ती के लोग अब खुले में रात गुजारने को मजबूर हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सगड़ी मनोज कुमार, बीडीओ महराजगंज विनोद यादव, क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को लेकर मौके पर पहुंचे। आग बुझने के बाद ही अधिकारी यहां से हटे। तहसीलदार मनोज कुमार ने पीड़ितों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया।
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घर का बचा हुआ सामान लोग खेत में रख दिए हैं। दमकल विभाग की चार गाडिय़ों की मदद से गांव के लोग किसी तरह से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की इस घटना पर काबू पाए। आग बुझाने के चक्कर में एक व्यक्ति मामूली रुप से झुलस गया। घटना के बाद बस्ती के लोग खुलेआसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गए। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार सगड़ी मौके पर पहुंचे और गांव वालों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया।
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महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी देवारा निबियहवा गांव के निषाद बस्ती में करीब 80 घर लोग रहते हैं। इनमें से कुछ लोगों के पास पक्के और कच्चे मकान है। जबकि ज्यादातर लोग मड़ई डालकर परिवार के साथ रहते हैं। गांव वालों के मुताबिक सोमवार की दोपहर रामजी निषाद के घर की महिलाएं भोजन बनाकर चूल्हे की आग को छोड़ दी थी।
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तेज हवा का झोंका चलने पर चूल्हे से चिंगारी उड़ी और उसके मड़ई में पकड़ ली। तेज धुआं और लपटें उठने पर घटना की जानकारी हुई तो लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। तभी तेज हवा का झोंका चला और आग अगल-बगल की मड़ईयों को अपनी आगोश में लेते चली गई। हवा के चलते ही आग बहुत ही कम समय में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले ली । ग्रामीण आग पर काबू पाने का प्रयास करते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
कुछ ही देर मेें फायर स्टेशन महराजगंज की दो गाडिय़ां पहुंच गई, आग की भयावह स्थिति को देखने के बाद जिला मुख्यालय से दो और गाडिय़ों को बुलाना पड़ा। फायरकर्मी ग्रामीणों की मदद से आग की घटना पर करीब चार घंटे की मशक्कत करते हुए शाम पांच बजे तक काबू पाए, लेकिन तब तक गांव के 60 लोगों की 163 मड़ईयां और भीतर रखे गए रुपये, कपड़े, गहना, राशन आदि जलकर नष्ट हो गया। लोग अपने बचे हुए सामानों को आसपास के गेहूं के खेत में बचाकर रखे हुए हैं।
आग बुझाने के चक्कर में गांव के झगड़ू निषाद मामूली रुप से झुलस गए। घटना के बाद इस बस्ती के लोग अब खुले में रात गुजारने को मजबूर हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सगड़ी मनोज कुमार, बीडीओ महराजगंज विनोद यादव, क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को लेकर मौके पर पहुंचे। आग बुझने के बाद ही अधिकारी यहां से हटे। तहसीलदार मनोज कुमार ने पीड़ितों को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया।