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घर घर में प्रयोग हो एंजाइम तो नहीं रहेगी प्रदूषण की चिंता
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आजमगढ़। तमसा में गिरने वाले नालों के गंदे पानी की सफाई के लिए जिलाधिकारी द्वारा 300 रुपये लीटर बायो डायजेस्टर एंजाइम का प्रयोग किया जा रहा है, जो काफी महंगा पड़ रहा है। जिलाधिकारी की ओर से जिले के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को बॉयो डायजेस्टर एंजाइम तैयारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमर उजाला की मुहिम पर जिलाधिकारी के प्रयास से लगभग एक माह तक चले अभियान के बाद तमसा की सूरत तो बदली लेकिन इसका प्रदूषण कम नहीं हुआ। क्योंकि नगर क्षेत्र से इसमें छोटे बड़े कुल मिलाकर लगभग 22 नालों के जरिए गंदा पानी इसमें प्रवाहित होता रहा। इसे रोकने का एक मात्र उपाय एसडीपी था। डीएम की ओर से इसके लिए प्रयास किया ही जा रहा था, तभी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य एसपी पांडेय ने डीएम को बताया कि द आर्ट आफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर कंसल्टेंट (पर्यावरण) नामक संस्था ने बॉयो मैटेरियल तैयार किया है। जिसके छिड़काव से पानी में पनपने वाले छोटे कीटाणु अपने आप मर जाते हैं। जिलाधिकारी ने इसे प्रयोग के तौर पर मुकेरीगंज स्थित नाले पर डलवाया। जांच में इसके सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब इसे नगर के नौ नालों पर लगाने का मन बनाया गया है। लेकिन ज्यादा लागत होने के कारण इसके प्रयोग में कठिनाई आ रही है। इसकी लागत को कम करने के लिए डीएम ने इसे जनपद स्तर पर ही तैयार करने के लिए निर्णय लिया है। जिसकी जिम्मेदारी राजकीय इंजीनियरिंग कालेज को सौंपी। ये एंजाइम जल को शुद्घ करने के साथ ही सालिड वेस्ट को खाद में परिवर्तित कर देता है।
तीन प्रोफेसर और छात्रों की टीम तैयार कर रही एंजाइम
कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे एक लीटर बायो डायजेस्टर एंजाइम की कीमत लगभग तीन सौ रुपये आ रही है। जनपद स्तर पर जब यह तैयार होगा तो इसकी कीमत 40 से 50 रुपये लीटर होगी। डीएम के निर्देश पर राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के तीन प्रोफेसरों और छात्रों की टीम इस एंजाइम को तैयार करने में जुटी है। 30 जनवरी को इनके द्वारा तैयार किए गए एंजाइम का प्रयोग किया जाएगा।
आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को भी इसमें जोड़ने की इच्छा
डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि अगर इस बॉयो डायजेस्टर एंजाइम का प्रयोग सफल रहता है तो इसे जनपद में बड़े पैमाने पर तैयार कराया जाएगा। इसमें ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और काम करने की इच्छुक महिलाओं को शामिल कर कार्य कराया जाएगा। इसके बाद इसके बिक्री की भी व्यवस्था की जाएगी। हमारा प्रयास है कि यह इतना सस्ता हो कि हर घर के लोग इसका प्रयोग करें ताकि इसे नाले में डालने की जरूरत नहीं न पड़े।
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तीन प्रोफेसर और छात्रों की टीम तैयार कर रही एंजाइम
कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे एक लीटर बायो डायजेस्टर एंजाइम की कीमत लगभग तीन सौ रुपये आ रही है। जनपद स्तर पर जब यह तैयार होगा तो इसकी कीमत 40 से 50 रुपये लीटर होगी। डीएम के निर्देश पर राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के तीन प्रोफेसरों और छात्रों की टीम इस एंजाइम को तैयार करने में जुटी है। 30 जनवरी को इनके द्वारा तैयार किए गए एंजाइम का प्रयोग किया जाएगा।
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आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को भी इसमें जोड़ने की इच्छा
डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि अगर इस बॉयो डायजेस्टर एंजाइम का प्रयोग सफल रहता है तो इसे जनपद में बड़े पैमाने पर तैयार कराया जाएगा। इसमें ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और काम करने की इच्छुक महिलाओं को शामिल कर कार्य कराया जाएगा। इसके बाद इसके बिक्री की भी व्यवस्था की जाएगी। हमारा प्रयास है कि यह इतना सस्ता हो कि हर घर के लोग इसका प्रयोग करें ताकि इसे नाले में डालने की जरूरत नहीं न पड़े।
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