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गबन के आरोपियों से न वसूली हुई, न कर्रवाई
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:09 AM IST
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आजमगढ़। जिला समाज कल्याण विभाग में फर्जी कूटरचित अभिलेखों के सहारे प्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन लेने वाले दोषियों को अप्रशिक्षित घोषित तो कर दिया गया। लेकिन पूर्व में वेतन के रूप में हड़पी गई धनराशि की न वसूली हुई और न ही फर्जीवाड़े में उन पर कोई कार्रवाई की गई। कार्रवाई न होने से नाराज नाराज शिकायतकर्ता ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से गुहार लगाई। वेतन के रूप में अब तक हड़पी गई धनराशि की वसूली करने और कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी को बताया कि पूर्व में उनकी ओर से जिला समाज कल्याण विभाग से संचालित हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर में फर्जी नियुक्ति और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर वेतन लेने की शिकायत की गई थी। जांच में गबन और कूटरचना की पुष्टि हुई। इसके बाद डीपीएड के अवैध अंक पत्र पर देवेंद्र सिंह, फर्जी प्रशिक्षिण मुक्ति प्रमाण-पत्र पर सतीश चंद्र, दूधनाथ, अशोक कुमार सिंह, रामधारी यादव, मुक्खू राम नौकरी करते पाए गए थे। फर्जी अभिलेखों से प्रशिक्षित शिक्षक का वेतनमान लेने की पुष्टी हुई थी। इन लोगों को अप्रशिक्षत मानते हुए वेतमान तो जारी कर दिया गया। लेकिन फर्जी अभिलेखों के आधार अब तक ली गई धनराशि की न वसूली की गई न ही फोर्जरी में कोई कार्रवाई हुई। आरोप लगाया कि ये जिला समाज कल्याण अधिकारी और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से उक्त मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए गबन किए गए धन की वसूली किए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से उक्त मामले की पूरे अभिलेख तलब किए हैं।
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