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कार्य कराने में सक्षम नहीं तो बताएं...नामित कर दी जाएगी एजेंसी

Wed, 12 Jun 2019 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 11:16 PM IST
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कार्य कराने में सक्षम नहीं तो बताएं...नामित कर दी जाएगी एजेंसी
आजमगढ़। शासन की ओर से मंजूरी और धनराशि जारी होने के बाद भी नगर निकायों की ओर से कार्य शुरू नहीं कराया गया। नगर पालिका माहुल में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली कान्हा गोशाला के लिए चुनाव से पहले मंजूरी मिल गई थी। धनराशि भी जारी हो गई थी लेकिन अब तक नगर पंचायत ने टेंडर नहीं कराया। ऐसी ही स्थिति पं. दीनदयाल आदर्श नगर पंचायत योजना की भी है। जिला प्रशासन ने इसे संज्ञान में लेते हुए ईओ से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। हिदायत दी है कि आप कार्य कराने में समक्ष नहीं हैं तो बता दें, इसके लिए कोई एजेंसी नामित कर दी जाएगी।
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लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले शासन की ओर से नगर पंचायत माहुल में कान्हा गोशाला में पशु आश्रय स्थल को मंजूरी दी थी। लगभग 1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली परियोजना के लिए शासन की ओर से लगभग तीन लाख की धनराशि जारी भी कर दी गई थी। पहले तो आचार संहिता के फेर में कार्य लटका रहा। जब आचार संहिता खत्म हुई इसके बाद भी टेंडर को लेकर कोई सक्रियता नहीं बरती जा रही है। इससे पहले भी नगर पंचायत की ओर से खाता संख्या आदि नहीं उपलब्ध कराने से धनराशि आने में देर हुई थी। शासन ने भी ईओ का स्पष्टीकरण मांग लिया था। सीएम की प्राथमिकता में शामिल होने के कारण गोवंश संरक्षण के लिए जहां अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं माहुल में धनराशि मिलने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिला प्रशासन की ओर से इस पर सख्त संज्ञान लिया गया। प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय और एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने इस पर ईओ को स्पष्टीकरण तीन दिन के भीतर तलब करते हुए कहा है कि यदि नगर पंचायत कार्य कराने में अक्षम है तो क्यों न इसके लिए कोई कार्यदायी संस्था नामित कर दी जाए। नोटिस के बाद नगर पंचायत में हड़कंप मचा है।
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शासन में अटकी कान्हा की तीन फाइलें
भले ही मुख्यमंत्री की ओर सो गोवंश संरक्षण को लेकर गंभीरता बरती जा रही है, लेकिन योजना पर जिला प्रशासन ही नहीं शासन की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही है। लोकसभा चुनाव से काफी पहले जनपद में आजमगढ़ पालिका के मुजफ्फरपुर, मुबारकपुर पालिका के सराय फिरोज और निजामाबाद नगरपंचायत में कान्हा गोशाला के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अस्थाई गोशाला में लगभग 1200 मवेशियों को संरक्षित कर कोरम पूरा कर दिया गया है।
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आदर्श नगर पंचायत का नहीं शुरू हुआ कार्य
कुछ ऐसी ही हालत पं दीन दयाल आदर्श नगर पंचायत योजना का भी है। योजना के तहत चयनित कटघर लालगंज और माहुल नगर पंचायत के लिए तीन-तीन करोड़ की डीपीआर को स्वीकृति देते हुए शासन की ओर से 1.50-1.50 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई थी। कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए आवास विकास को नामित किया गया था। तीन माह बीतने के बाद अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

शासन से धनराशि मिलने के बाद भी कान्हा गोशाला का कार्य शुरू नहीं कराने पर ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि वो काम नहीं करा पाते हैं तो जिलाधिकारी से बात करके दूसरा रास्ता निकाला जाएगा। - नरेंद्र सिंह, प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय
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