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कैबिनेट मंत्री ने शासन के सामने रखी विवि की मांग
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आजमगढ़। सुभासपा प्रमुख कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जनपद की विवि की मांग शिक्षामंत्री के सामने रखी है। उन्होंने इसकी स्थापना पर भी जोर दिया है। पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री विवि को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन पर पहुंच कर मांग का समर्थन किया था। शासन स्तर पर इसे उठाने का आश्वासन दिया था। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश महासचिव शशिप्रकाश सिंह के साथ 28 जनवरी को विवि के लिए चल रहे। अनिश्चितकालीन धरने को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने 15 फरवरी को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा कि आजमगढ़ मंडल को दर्जा मिले लगभग 25 वर्ष हो गए हैं। जनपद के समस्त नागरिकों और छात्र-छात्राओं के मान-सम्मान के मद्देनजर विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने का अनुरोध भी किया। प्रदेश महासचिव युवा मंच सुभासपा शशिप्रकाश सिंह मुन्ना ने बताया कि जनपद में विवि की मांग जायज है। ओम प्रकाश राजभर ने शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा से मिलकर भी विवि स्थापना को प्राथमिकता में शामिल कराने की बात कही थी।
उच्च शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख पर हर्ष
आजमगढ़। राज्य आवासीय विश्वविद्यालय की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चिकालीन क्रमिक अनशन के 44वें दिन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश चंद्र शर्मा की ओर से सकारात्मक रुख दिखाने पर हर्ष व्यक्त किया गया। विवि अभियान के मोहम्मदपुर प्रभारी सौरभ यादव ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर विवि के लिए प्रयास करते तो जनपद में कब का विश्वविद्यालय बन चुका होता। विक्रांत गुप्ता, शमशेर सिंह, रामशब्द, विजय यादव, राममिलन यादव, प्रदीप कुमार सिंह, साहब राजभर, कैलाश प्रसाद, दशरथ कुमार, मोहित राम, जयगोविंद राय, नजीर अहमद मंसूरी, अमित कुमार सिंह, दीपू खरवार, प्रमोद कुमार सोनकर आदि थे।
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उच्च शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख पर हर्ष
आजमगढ़। राज्य आवासीय विश्वविद्यालय की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चिकालीन क्रमिक अनशन के 44वें दिन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश चंद्र शर्मा की ओर से सकारात्मक रुख दिखाने पर हर्ष व्यक्त किया गया। विवि अभियान के मोहम्मदपुर प्रभारी सौरभ यादव ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर विवि के लिए प्रयास करते तो जनपद में कब का विश्वविद्यालय बन चुका होता। विक्रांत गुप्ता, शमशेर सिंह, रामशब्द, विजय यादव, राममिलन यादव, प्रदीप कुमार सिंह, साहब राजभर, कैलाश प्रसाद, दशरथ कुमार, मोहित राम, जयगोविंद राय, नजीर अहमद मंसूरी, अमित कुमार सिंह, दीपू खरवार, प्रमोद कुमार सोनकर आदि थे।
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