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सीएमओ के रवैए पर भड़के डीएम, मांगा स्पष्टीकरण
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:23 PM IST
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आजमगढ़। विश्व सहिष्णुता दिवस पर मानसिक तनाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम को सीएमओ शुरू होने से पहले ही छोड़कर चले गए। अमर उजाला ने शनिवार को पेज नंबर तीन पर ‘बैठे रहे एडीएम, चले गए सीएमओ’ शीर्षक से खबर छापी थी। इस खबर के प्रकाश में आने पर नाराज जिलाधिकारी ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
शुक्रवार को सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मानसिक तनाव को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसके लिए कई विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए गए थे। लेकिन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रविंद्र कुमार ने आयुष्मान भारत योजना को शामिल करते हुए मुख्य अतिथि भाजपा सांसद नीलम सोनकर के हाथों लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कराया। जैसे ही भाजपा सांसद प्रमाण पत्र वितरित कर वहां से निकलीं सीएमओ भी उनके पीछे ही वहां से चलते बने।
जबकि मुख्य कार्यक्रम की अभी शुरूआत भी नहीं हुई थी। उनके इस प्रकार जाने से लोगों में सुगबुगाहट तेज हो गई। बुलाए गए विशेषज्ञ चिकित्सक भी एक-एक कर निकल लिए। जब तक कार्यक्रम परवान चढ़ता पूरा हॉल लगभग खाली हो चुका था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर के प्रकाशन के बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने इसे गंभीरता से लिया और उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
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शुक्रवार को सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मानसिक तनाव को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसके लिए कई विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए गए थे। लेकिन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रविंद्र कुमार ने आयुष्मान भारत योजना को शामिल करते हुए मुख्य अतिथि भाजपा सांसद नीलम सोनकर के हाथों लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कराया। जैसे ही भाजपा सांसद प्रमाण पत्र वितरित कर वहां से निकलीं सीएमओ भी उनके पीछे ही वहां से चलते बने।
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जबकि मुख्य कार्यक्रम की अभी शुरूआत भी नहीं हुई थी। उनके इस प्रकार जाने से लोगों में सुगबुगाहट तेज हो गई। बुलाए गए विशेषज्ञ चिकित्सक भी एक-एक कर निकल लिए। जब तक कार्यक्रम परवान चढ़ता पूरा हॉल लगभग खाली हो चुका था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर के प्रकाशन के बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने इसे गंभीरता से लिया और उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
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