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छात्रवृति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 17 हजार से ज्यादा आवेदन संदेहास्पद
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:00 AM IST
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आजमगढ़। वर्ष 2017-18 के लिए समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए एससी और जनरल श्रेणी के आए 58 हजार आवेदनों में एनआईसी लखनऊ की स्क्रूटनी में 17 हजार से ज्यादा आवेदन संदेहास्पद श्रेणी में पाए गए हैं। विभाग की ओर से सभी शिक्षण संस्थाओं को त्रुटियों में सुधार कर एक सप्ताह के भीतर कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा है। यदि समय पर इसे संशोधित नहीं किया जाएगा तो ये आवेदन निरस्त हो जाएगा।
समाज कल्याण विभाग से वर्ष 2017-18 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए एससी और जनरल श्रेणी के 58073 आवेदनों की राज्य एनआईसी पर स्क्रूटनी की गई थी। इस दौरान 40338 आवेदन सही पाए गए। 17735 आवेदनों को सस्पेक्ट श्रेणी में रखा गया है। विभाग को 34 मानकों के आधार पर इनमें कमी पाई गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने सभी शिक्षण संस्थाओं को आजमगढ़ डाट एनआईसी डाट इन से इस डाटा को निकालकर एक सप्ताह के अंदर त्रुटियों में सुधार कर कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि शासन के निर्देश के बाद इसमें संशोधान किया जा सके। समय पर इसे संसोधित नहीं किया गया तो ये आवेदन निरस्त हो जाएंगे।
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समाज कल्याण विभाग से वर्ष 2017-18 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए एससी और जनरल श्रेणी के 58073 आवेदनों की राज्य एनआईसी पर स्क्रूटनी की गई थी। इस दौरान 40338 आवेदन सही पाए गए। 17735 आवेदनों को सस्पेक्ट श्रेणी में रखा गया है। विभाग को 34 मानकों के आधार पर इनमें कमी पाई गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने सभी शिक्षण संस्थाओं को आजमगढ़ डाट एनआईसी डाट इन से इस डाटा को निकालकर एक सप्ताह के अंदर त्रुटियों में सुधार कर कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि शासन के निर्देश के बाद इसमें संशोधान किया जा सके। समय पर इसे संसोधित नहीं किया गया तो ये आवेदन निरस्त हो जाएंगे।
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