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जिले में 52 हजार किसानों का 245 करोड़ कर्ज माफ
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:32 PM IST
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आजमगढ़। प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लाख रुपये तक के किसानों के फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद जिले में अब तक लगभग 52 हजार किसानों के 245 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो चुका है। अभी एनपीए और छूटे किसानों का डाटा जुटाया जा रहा है चार पांच दिन के अंदर इनके डाटा को भी कर्जमाफी के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।
कर्ज में डूबे किसानों को राहत देने के लिए शासन ने उनके एक लाख तक फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की। इस योजना के तहत जिले में कई किश्तों में लगभग 52 हजार किसानों का 245 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। कर्ज तो माफ हो गया लेकिन जनपद में रवि की फसलों का रकबा बहुत मामूली बढ़ा। जो थोड़ी बहुत बढ़त हुई वह उम्मीद से कम है। लोगों की मानें तो कर्जमाफी से फसलों का दायरा बढ़ना नहीं था जो नहीं बढ़ा। लेकिन अगर सरकार सही ढ़ंग से चीनी मिल का संचालन करती और फूड प्लांट आदि उद्यम लगाती तो किसानों को फायदा होता और फसलों का दायरा बढ़ता। हालांकि सरकार की योजनाओं के चलते कि सिंचाई के साधनों में वृद्घि जरूर हुई। जहां बिजली नहीं है वहां लोग सोलर पंपों के सहारे खेतों की सिंचाई करने को तत्पर हैं। आज भी कृषि विभाग की ओर से कृषि यंत्रों और उपकरणों पर छूट देकर किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
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जिले में लगभग 52 हजार किसानों के 245 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो चुका है। अभी एनपीए के लगभग 18000 खाते हैं जिनका डाटा मंगाया जा रहा है। जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें से कितने किसानों का कर्ज माफ होगा।
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मनोज कुमार, एलडीएम।
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जिले में वर्तमान में 251000 हेक्टेअर है। जबकि यह पिछले वर्ष 248882 हेक्टेअर था। कर्जमाफी के बाद इसमें थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन सिंचाई के साधन बढ़े हैं। आज भी विभाग की ओर से किसानों को पंपिंग सेट और कृषि उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।
डा. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी।
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कर्ज में डूबे किसानों को राहत देने के लिए शासन ने उनके एक लाख तक फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की। इस योजना के तहत जिले में कई किश्तों में लगभग 52 हजार किसानों का 245 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। कर्ज तो माफ हो गया लेकिन जनपद में रवि की फसलों का रकबा बहुत मामूली बढ़ा। जो थोड़ी बहुत बढ़त हुई वह उम्मीद से कम है। लोगों की मानें तो कर्जमाफी से फसलों का दायरा बढ़ना नहीं था जो नहीं बढ़ा। लेकिन अगर सरकार सही ढ़ंग से चीनी मिल का संचालन करती और फूड प्लांट आदि उद्यम लगाती तो किसानों को फायदा होता और फसलों का दायरा बढ़ता। हालांकि सरकार की योजनाओं के चलते कि सिंचाई के साधनों में वृद्घि जरूर हुई। जहां बिजली नहीं है वहां लोग सोलर पंपों के सहारे खेतों की सिंचाई करने को तत्पर हैं। आज भी कृषि विभाग की ओर से कृषि यंत्रों और उपकरणों पर छूट देकर किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
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जिले में लगभग 52 हजार किसानों के 245 करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो चुका है। अभी एनपीए के लगभग 18000 खाते हैं जिनका डाटा मंगाया जा रहा है। जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें से कितने किसानों का कर्ज माफ होगा।
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मनोज कुमार, एलडीएम।
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जिले में वर्तमान में 251000 हेक्टेअर है। जबकि यह पिछले वर्ष 248882 हेक्टेअर था। कर्जमाफी के बाद इसमें थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन सिंचाई के साधन बढ़े हैं। आज भी विभाग की ओर से किसानों को पंपिंग सेट और कृषि उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।
डा. उमेश कुमार गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी।