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विशेषज्ञों की राय के बाद रद्द की गई नियम विरुद्ध तरीके से की गई निविदा
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। नगर पालिका आजमगढ़ में पुरानी सेवा प्रदाता कंपनी का ठेका निरस्त कर आठ वार्डों में सफाई के लिए 90 सफाई श्रमिकों की आपूर्ति के लिए पिछले दिनों ई टेंडरिंग से ठेका किया गया था। इसके लिए तीन कंपनियों ने अप्लाई किया था। तकनीकि खामियों से दो के टेंडर पहले ही बाहर हो गए। बची संतोष सिंह की कंपनी के नाम से टेंडर कर दिया गया था। ईओ की ओर से जहां इसे सही बताया जा रहा था वहीं, पालिकाध्यक्ष ने इसे नियम विरुद्ध बता कर मानने से इंकार कर दिया था। इसी लड़ाई में पिछले दिनों आठ वार्डों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई थी। जिलाधिकारी ने मुख्य कोषाधिकारी और शासकीय अधिवक्ता सिविल की राय के बाद टेंडर को निरस्त कर दिया है। अब फिर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
पालिका के आठ वार्डों में ठेके पर 90 दैनिक सफाई श्रमिकों से सफाई कराई जाती है। पिछले दिनों जांच के बाद टेंडर में गड़बड़ी होने पर पुराने सेवा प्रदाता अजय सिंह के टेंडर को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद कुछ दिनों के लिए उन्हीं के सफाई श्रमिकों से काम कराया जाता रहा। इस बीच पालिका की ओर से नये सिरे से टेंडर आमंत्रित किया गया गया। तीन कंपनियों की ओर से निविदा डाली गई। इसमें तकनीकी कमियों से दो की निविदा खारिज हो गई। पालिका ने बची संतोष सिंह के टेंडर को पास कर दिया। इस बीच पुराने सेवा प्रदाता अजय सिंह मामले को लेकर कोर्ट चले गए। पालिकाध्यक्ष ने भी नये टेंडर को सहमित देने हाथ पीछे खींच लिया। मानदेय न मिलने पर सफाई श्रमिकों ने पिछले दिनों दो दिन तक सफाई ठप कर दी। मामला जिलाधिकारी के पास आने पर उन्होंने पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाकर सफाई कार्य शुरू कराया। साथ ही नये टेंडर के बारे में मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर और शासकीय अधिवक्ता सीपी राय से राय मांगी। दोनों की राय पर जिलाधिकारी सीबी सिंह ने संतोष सिंह के टेंडर को निरस्त कर दिया है। साथ ही पालिका अधिकारियों को नये सिरे से निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी की ओर से संतोष सिंह के टेंडर को भी निरस्त कर दिया गया है। अब नये सिरे निविदा आमंत्रित कर टेंडर किया जाएगा।
बिशन सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर
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पालिका के आठ वार्डों में ठेके पर 90 दैनिक सफाई श्रमिकों से सफाई कराई जाती है। पिछले दिनों जांच के बाद टेंडर में गड़बड़ी होने पर पुराने सेवा प्रदाता अजय सिंह के टेंडर को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद कुछ दिनों के लिए उन्हीं के सफाई श्रमिकों से काम कराया जाता रहा। इस बीच पालिका की ओर से नये सिरे से टेंडर आमंत्रित किया गया गया। तीन कंपनियों की ओर से निविदा डाली गई। इसमें तकनीकी कमियों से दो की निविदा खारिज हो गई। पालिका ने बची संतोष सिंह के टेंडर को पास कर दिया। इस बीच पुराने सेवा प्रदाता अजय सिंह मामले को लेकर कोर्ट चले गए। पालिकाध्यक्ष ने भी नये टेंडर को सहमित देने हाथ पीछे खींच लिया। मानदेय न मिलने पर सफाई श्रमिकों ने पिछले दिनों दो दिन तक सफाई ठप कर दी। मामला जिलाधिकारी के पास आने पर उन्होंने पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाकर सफाई कार्य शुरू कराया। साथ ही नये टेंडर के बारे में मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर और शासकीय अधिवक्ता सीपी राय से राय मांगी। दोनों की राय पर जिलाधिकारी सीबी सिंह ने संतोष सिंह के टेंडर को निरस्त कर दिया है। साथ ही पालिका अधिकारियों को नये सिरे से निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी की ओर से संतोष सिंह के टेंडर को भी निरस्त कर दिया गया है। अब नये सिरे निविदा आमंत्रित कर टेंडर किया जाएगा।
बिशन सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर