{"_id":"5b75cb2242c7920e855ff75b","slug":"131534446370-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफनाई घाघरा, बाढ़ के पानी से घिरे दो दर्जन गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफनाई घाघरा, बाढ़ के पानी से घिरे दो दर्जन गांव
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:48 AM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर में बहने वाली घाघरा एक बार फिर पूरी तरह से उफान पर है। मंगलवार को बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। डिघिया गेज पर जलस्तर लाल निशान से 85 तो बदरहुआ गेज पर 38 सेमी ऊपर पहुंच गया है। दो दर्जन से अधिक गांव घाघरा के बाढ़ से घिर गए हैं। बनबसा, शारदा और गिरजा बैराजों से मंगलवार को 287676 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अब यह पानी धीरे-धीरे कर देवरांचल में पहुंच रहा है। बैराज से छोड़े गये पानी के चलते देवरांचल में घाघरा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। डिघिया गेज पर जलस्तर लाल निशान से 85 सेमी और बदरहुआ गेज पर 38 सेमी ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर में बढ़ोत्तरी के साथ ही घाघरा की लहरों में एक बार फिर तेजी आ गयी है। नदी का फैलाव बढ़ गया है। जिसके चलते क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। तेज हुई लहरें अब जगह-जगह महुला गढ़वल बांध पर जोरदार टक्कर भी मार रही है। हालांकि अभी लहरों में कटान की रफ्तार धीमी होने से बंधे को कोई नुकसान तो नहीं पहुंच रहा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वालों की परेशानी बढ़ गयी है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि अभी आगामी 24 घंटे में जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होगी। जिसे देखते हुए बाढ़ से घिरे गांव में रह रहे लोग परिवार की महिलाओं, बच्चो और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में जुटे हैं।
सेमरी गांव में तेज हुई कटान की रफ्तार
लाटघाट। महराजगंज ब्लाक के सेमरी गांव का अस्तित्व ही अब समाप्त होने के कगार पर है। जलस्तर में तेज हो रही वृद्धि के बाद भी यहां कटान की रफ्तार में कोई कमी नहीं आयी है। घाघरा की जलधारा तेजी के साथ आबादी की जमीन को अपने में समाहित कर रही है। ऐसा ही कुछ हाल हरैया ब्लाक क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव का भी यहां भी जलस्तर में वृद्धि के बाद भी कटान जोरों पर हो रही है।
कटने की कगार पर पहुंचे कई स्कूल
लाटघाट। घाघरा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के चलते क्षेत्र के कई विद्यालय भी अब कटान की जद में आ चुके है। प्राथमिक विद्यायल सेमरी की स्थिति तो यह है कि इसकी बाउंड्री कभी भी घाघरा में समाहित हो सकती है। वहीं आधा दर्जन भर अन्य विद्यालय भी कटने के कगार पर पहुंच गए हैं। इन विद्यालयों के पास घाघरा की जलधारा पहुंच चुकी है।
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बाढ़ चौकी की नहीं सुधरी व्यवस्था
लाटघाट। महुला गढ़वल बांध पर 10 बाढ़ चौकियां स्थापित है। इन बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाढ़ खंड और पुलिस विभाग के लोगों की ड्यूटी लगायी गई है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय तो कर दिया गया है, लेकिन इन पर तैनात कर्मचारी अभी मौके पर नजर नहीं आ रहे है। पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी ही अब तक बाढ़ चौकी पर पहुंच रहे है।
20 हजार की आबादी प्रभावित, लगी है मात्र छह नावें
लाटघाट। देवारा में घाघरा की बाढ़ से दो दर्जन गांव के 60 से अधिक पुरवे पानी से पूरी तरह घिर गये है। संपर्क मार्गो पर पानी भरा हुआ है, इसके बाद भी प्रशासन ने अब तक क्षेत्र में मात्र छह नाव ही लगाय गये है। बाढ़ से 20 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। देवारा खास राजा, बांका बूढनपट्टी में अब तक नाव की व्यवस्था प्रशासन ने नहीं किया है। देवारा खास राजा के प्रधान पल्टन ने जिला प्रशासन से नाव की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
चेतावनी जारी...रहें सावधान, आ सकती है बाढ़
आजमगढ़। जिला प्रशासन ने देवारावासियों के लिए चेतावनी जारी की है। संबंधित कर्मियों को सक्रिय रहने के निर्देश के साथ ही लोगों को भी सावधान किया गया है। 14 अगस्त को बहराइच बैराज से 2,87,676 क्यूसेक छोड़ा गया है जो पिछली बार से 8,490 क्यूसेक अधिक है। इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एडीएम वित्त बीके गुप्ता ने बताया कि छह अगस्त को बहराइच से 2,79,186 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर घाघरा नदी के बदरहुआ नाले पर 11 अगस्त को जलस्तर 72.15 मीटर हो गया था। ये खतरा के बिन्दु 71.68 मीटर से 0.47 मीटर से ऊपर था। अधिशासी अभियन्ता (बाढ़ खण्ड) ने बताया है कि 14 अगस्त को जनपद बहराइच से 2,87,676 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा नदी के बदरहुआ नाले पर नदी का जल स्तर 72.20 या इससे अधिक हो सकता है। इससे अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं। एसडीएम और तहसीलदार सगड़ी को निर्देशित किया गया कि चेतावनी दलों को तत्काल गांवों में भेजकर मुनादी कराएं। प्रधान, सभी बाढ़ चौकियों और बाढ़ राहत कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को सचेत कर दिया जाए।
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सेमरी गांव में तेज हुई कटान की रफ्तार
लाटघाट। महराजगंज ब्लाक के सेमरी गांव का अस्तित्व ही अब समाप्त होने के कगार पर है। जलस्तर में तेज हो रही वृद्धि के बाद भी यहां कटान की रफ्तार में कोई कमी नहीं आयी है। घाघरा की जलधारा तेजी के साथ आबादी की जमीन को अपने में समाहित कर रही है। ऐसा ही कुछ हाल हरैया ब्लाक क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव का भी यहां भी जलस्तर में वृद्धि के बाद भी कटान जोरों पर हो रही है।
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कटने की कगार पर पहुंचे कई स्कूल
लाटघाट। घाघरा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के चलते क्षेत्र के कई विद्यालय भी अब कटान की जद में आ चुके है। प्राथमिक विद्यायल सेमरी की स्थिति तो यह है कि इसकी बाउंड्री कभी भी घाघरा में समाहित हो सकती है। वहीं आधा दर्जन भर अन्य विद्यालय भी कटने के कगार पर पहुंच गए हैं। इन विद्यालयों के पास घाघरा की जलधारा पहुंच चुकी है।
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बाढ़ चौकी की नहीं सुधरी व्यवस्था
लाटघाट। महुला गढ़वल बांध पर 10 बाढ़ चौकियां स्थापित है। इन बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बाढ़ खंड और पुलिस विभाग के लोगों की ड्यूटी लगायी गई है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय तो कर दिया गया है, लेकिन इन पर तैनात कर्मचारी अभी मौके पर नजर नहीं आ रहे है। पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी ही अब तक बाढ़ चौकी पर पहुंच रहे है।
20 हजार की आबादी प्रभावित, लगी है मात्र छह नावें
लाटघाट। देवारा में घाघरा की बाढ़ से दो दर्जन गांव के 60 से अधिक पुरवे पानी से पूरी तरह घिर गये है। संपर्क मार्गो पर पानी भरा हुआ है, इसके बाद भी प्रशासन ने अब तक क्षेत्र में मात्र छह नाव ही लगाय गये है। बाढ़ से 20 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। देवारा खास राजा, बांका बूढनपट्टी में अब तक नाव की व्यवस्था प्रशासन ने नहीं किया है। देवारा खास राजा के प्रधान पल्टन ने जिला प्रशासन से नाव की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
चेतावनी जारी...रहें सावधान, आ सकती है बाढ़
आजमगढ़। जिला प्रशासन ने देवारावासियों के लिए चेतावनी जारी की है। संबंधित कर्मियों को सक्रिय रहने के निर्देश के साथ ही लोगों को भी सावधान किया गया है। 14 अगस्त को बहराइच बैराज से 2,87,676 क्यूसेक छोड़ा गया है जो पिछली बार से 8,490 क्यूसेक अधिक है। इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एडीएम वित्त बीके गुप्ता ने बताया कि छह अगस्त को बहराइच से 2,79,186 क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर घाघरा नदी के बदरहुआ नाले पर 11 अगस्त को जलस्तर 72.15 मीटर हो गया था। ये खतरा के बिन्दु 71.68 मीटर से 0.47 मीटर से ऊपर था। अधिशासी अभियन्ता (बाढ़ खण्ड) ने बताया है कि 14 अगस्त को जनपद बहराइच से 2,87,676 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा नदी के बदरहुआ नाले पर नदी का जल स्तर 72.20 या इससे अधिक हो सकता है। इससे अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं। एसडीएम और तहसीलदार सगड़ी को निर्देशित किया गया कि चेतावनी दलों को तत्काल गांवों में भेजकर मुनादी कराएं। प्रधान, सभी बाढ़ चौकियों और बाढ़ राहत कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को सचेत कर दिया जाए।