{"_id":"5a8871fd4f1c1b410b8b98b3","slug":"131518891517-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्मी कंपोस्ट से दो प्रतिशत बढ़ जाएगा उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्मी कंपोस्ट से दो प्रतिशत बढ़ जाएगा उत्पादन
Updated Sat, 17 Feb 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पल्हनी। ब्लाक के चंडेश्वर गांव में उप परियोजना निदेशक डा. पंकज सिंह ने वर्मी कंपोस्ट यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इसका उपयोग खेतों में करने से दो प्रतिशत फसल का उत्पादन बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत अब तक तीन हजार से अधिक राजस्व गांवों में कंपोस्ट यूनिट की स्थापना की जा चुकी है। इस यूनिट की स्थापना में आठ हजार रुपया खर्च होते है, जिसमें 75 प्रतिशत अनुदान सरकार देती है। उन्होंने बताया कि बढ़ती हुई जनसंख्या, कृषक भूमि में लगातार हो रही कमी, फसलों के पोषक तत्वों का दोहन, कृषकों द्वारा असंतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जाना, गोबर और कंपोस्ट खाद का प्रयोग नगण्य कर देने से मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा लगातार कम हो रही है। यही कारण है कि मृदा कृषि भूमि में जीवांश की मात्रा को बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत इसे संचालित किया जा रहा है। इस मौके पर कृषक आरपीएन सिंह, विकास, चंद्र कुमार, धीरेंद्र प्रताप, अजय सिंह, ग्राम प्रधान इंदु प्रकाश सिंह आदि उपस्थि रहे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत अब तक तीन हजार से अधिक राजस्व गांवों में कंपोस्ट यूनिट की स्थापना की जा चुकी है। इस यूनिट की स्थापना में आठ हजार रुपया खर्च होते है, जिसमें 75 प्रतिशत अनुदान सरकार देती है। उन्होंने बताया कि बढ़ती हुई जनसंख्या, कृषक भूमि में लगातार हो रही कमी, फसलों के पोषक तत्वों का दोहन, कृषकों द्वारा असंतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किया जाना, गोबर और कंपोस्ट खाद का प्रयोग नगण्य कर देने से मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा लगातार कम हो रही है। यही कारण है कि मृदा कृषि भूमि में जीवांश की मात्रा को बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत इसे संचालित किया जा रहा है। इस मौके पर कृषक आरपीएन सिंह, विकास, चंद्र कुमार, धीरेंद्र प्रताप, अजय सिंह, ग्राम प्रधान इंदु प्रकाश सिंह आदि उपस्थि रहे।
विज्ञापन