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कागजों तक सिमटा पालीथिन पर प्रतिबंध

Mon, 09 Apr 2018 12:04 AM IST
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:04 AM IST
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कागजों तक सिमटा पालीथिन पर प्रतिबंध
पॉलीथिन की घातकता को देखते हुए शहर में पालिका की ओर से इस प्रतिबंध लगाया गया है। शायद एक-दो बार अभियान चलाकर कुछ पॉलीथिन को जब्त भी किया गया था। इसके बाद से ये रोक कागजों में जारी है। किसी को इसकी सुधि नहीं लेने से धड़ल्ले से पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है। इससे ये पॉलीथिन जहां लावारिस पशुओं की मौत का कारण बन रहा है, वहीं जमीन भी बंजर हो रही है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगरपालिका परिषद आजमगढ़ ने भी अपने क्षेत्र में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। जानकारी के अनुसार एक या दो बार पॉलीथिन को लेकर अभियान चलाया गया और एक या दो दुकानदारों के यहां से पॉलीथिन पकड़कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके बाद से नगरपालिका का यह अभियान ठंडे बस्ते में चला गया। जिसका परिणाम है कि आज नगर के हर छोटे से बड़ा दुकानदार धड़ल्ले से पॉलीथिन में सामानों की बिक्री कर रहा है। चाहे वह सब्जी वाला हो या पान वाला, कपड़े वाला हो या मिठाई वाला हर कोई ग्राहकों का पॉलीथिन में सामान की बिक्री कर रहा है। यहां तक की गर्म चाय प्लास्टिक की गिलास में पीने से कैंसर जैसी भयानक बीमारी होने की संभावना जताई जा रही है लेकिन इसके बाद भी चाय की दुकानों पर प्लास्टिक के गिलास का प्रयोग हो रहा है। दुकानों पर पॉलीथिन में सामान मिलने के कारण लोग घरों से बैग लेकर सामान की खरीदारी करना भूल गए हैं। सबकुछ जानते हुए भी नगरपालिका प्रशासन मौन है। जबकि यह पॉलीथिन एक तरफ जानवरों की जान ले रहा है वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहा है। खेतों में इसके पहुंचने से खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है।
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नीरज राय, विनीत, अरूण सिंह आदि का कहना है कि नगर क्षेत्र से प्रतिदिन हजारों टन कूड़ा निकलता है। इसमें आधे के करीब पालीथिन होती है। नगरपालिका प्रशासन को इस पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाना चाहिए। क्योंकि यह जहां पशुओं के लिए खतरनाक है। वहीं पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है।
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पालीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध आवश्यक है क्योंकि यह पालीथिन पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। इसे अगर जमीन में दबा दिया जाए तो यह कई वर्षों बाद भी उसी हालत में निकलेगा। साथ ही यह जितने स्थान को घेरेगा उतने स्थान से नीचे पानी को नहीं जाने देता है। अगर इसे जलाया जाए तो इससे कई प्रकार की रासायनिक गैसें निकलती हैं जो आम जन के साथ ही पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं।

- डा. अखिलेश सिंह, पर्यावरणविद।
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वैसे तो समय-समय पर अभियान चलता रहता है लेकिन नगरपालिका पॉलीथिन के प्रयोग को लेकर विशेष अभियान चलाने जा रही है। जल्द ही टीम का गठन कर प्रतिबंधित पालीथिन के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा और इसका प्रयोग करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रशांत कुमार भारती, अधिशासी अधिकारी और एसडीएम सदर।
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