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महिला स्वयं सहायता के गठन पर हुई चर्चा
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:47 PM IST
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आजमगढ़(ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित यूनियन बैंक आफ इंडिया के सभागार में मुख्य प्रबंधक की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें ऊसर भूमि का स्थाई सुधार एव गरीबी उन्मूलन, चयनित ग्रामों में महिला स्वयं सहायता समूह के गठन पर चर्चा की गई।
जिला समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह परियोजना समयबद्ध है। इसके संचालन में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसमें परियोजना के क्रियान्वयन के लिए चयनित ऊसर भूमि का चार-चार हेक्टेयर का जल उपयोग समूह बनाया जाता है। जिसका संबंधित नजदीकी बैंक में एक बचत खाता खोला जाता है। जिसमें चयनित लाभार्थियों द्वारा प्रक्षेत्र विकास कार्य पूर्ण करने के पश्चात निगम द्वारा दिए गए अनुदान धनराशि जल उपयोग समूह के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजा जा सके।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऊसर भूमि का स्थाई सुधार एव गरीबी उन्मूलन है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए चयनित ग्राम में महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं का आर्थिक विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत अब तक कुल 132 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिसमें से 152 समूहों का बैंक से सीसीएल स्वीकृत कराते हुए आयजनित गतिविधियां जैसे झाडू, दोना, अगरबत्ती, मिठाई डिब्बा सहित अनेक निर्माण का कार्य समूहों द्वारा किया जा रहा है। शेष समूहों का सीसीएल स्वीकृत कराने के लिए कुल चालीस पत्रावली शाखा में जमा, तैयार है। इस मौके पर बैंक स्टाफ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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जिला समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह परियोजना समयबद्ध है। इसके संचालन में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसमें परियोजना के क्रियान्वयन के लिए चयनित ऊसर भूमि का चार-चार हेक्टेयर का जल उपयोग समूह बनाया जाता है। जिसका संबंधित नजदीकी बैंक में एक बचत खाता खोला जाता है। जिसमें चयनित लाभार्थियों द्वारा प्रक्षेत्र विकास कार्य पूर्ण करने के पश्चात निगम द्वारा दिए गए अनुदान धनराशि जल उपयोग समूह के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजा जा सके।
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परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऊसर भूमि का स्थाई सुधार एव गरीबी उन्मूलन है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए चयनित ग्राम में महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं का आर्थिक विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत अब तक कुल 132 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिसमें से 152 समूहों का बैंक से सीसीएल स्वीकृत कराते हुए आयजनित गतिविधियां जैसे झाडू, दोना, अगरबत्ती, मिठाई डिब्बा सहित अनेक निर्माण का कार्य समूहों द्वारा किया जा रहा है। शेष समूहों का सीसीएल स्वीकृत कराने के लिए कुल चालीस पत्रावली शाखा में जमा, तैयार है। इस मौके पर बैंक स्टाफ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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