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Azamgarh News: एक लाख 19 हजार वादों का हुआ निस्तारण, 27 दंपती फिर रहेंगे साथ
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राष्ट्रीय लोक आदालत का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते हुए। स्रोत-सूचना विभाग
जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में 1,24,817 वाद निस्तारण के लिए चिह्नित किए गए, जिनमें 1,19,103 वादों का निस्तारण हुआ। इस दौरान 22 करोड़ 13 लाख 74 हजार 224 रुपये की धनराशि का समझौता हुआ।
शुभारंभ जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर और वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,03,507 और न्यायालयों में लंबित 15,596 दीवानी व फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 172, ईसी एक्ट न्यायालय में 908, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 4,104, एससी-एसटी एक्ट में 10, पॉक्सो एक्ट में चार और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण हुआ।
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पारिवारिक न्यायालयों में कुल 107 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 27 दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिठाई खिलाकर साथ जाने की सहमति जताई।
लोक अदालत परिसर में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों द्वारा कौशल विकास के तहत तैयार किए गए सामानों का स्टॉल भी लगाया गया। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अंकित वर्मा ने किया।
विधिक सलाहकार अंजेश सिंह ने बताया कि सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया है। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश कुमार सिंह प्रथम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही, कमला पति-1, अजय श्रीवास्तव, विजय कुमार वर्मा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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मैंने पीएम स्वनिधि से ठेला-खोमचा लगाने के लिए 10 हजार रुपये वर्ष 2022 में ली थी। इसे जमा नहीं कर पाई, जो अब बढ़कर 13 हजार रुपये हो गया था। आज लोक अदालत में 7 हजार रुपया जमा कराकर खत्म कराया। -अर्चना, पल्हनी।
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मेरे पिता जी ने 60 हजार रुपये का लोन लिया था। कोरोना के दौरान इसकी नोटिस आई। अब कुल 1.31 लाख रुपये हो गया है। आज लोक अदालत में इसे खत्म कराने के लिए आया। -रणविजय, निवासी देवारा कदीद।
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वर्ष 2018 में खेती के लिए 16 हजार रुपये का लोन लिया था। आज लोक अदालत में 12 हजार रुपये की छूट मिली है। मात्र चार हजार रुपये जमा करना पड़ा है। -महेंद्र चौरसिया, निवासी वीरभानपुर।
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घर-गृहस्थी के लिए मुद्रा लोन बैंक से लिया था। अब लोन बढ़कर 50686 रुपया हो गया था। आज लोक अदालत में आया था। इसमें 20686 रुपये माफ किए गए हैं। -भोला, निवासी सिधारी पकड़ी।
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शुभारंभ जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर और वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,03,507 और न्यायालयों में लंबित 15,596 दीवानी व फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया।
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 172, ईसी एक्ट न्यायालय में 908, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 4,104, एससी-एसटी एक्ट में 10, पॉक्सो एक्ट में चार और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण हुआ।
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पारिवारिक न्यायालयों में कुल 107 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 27 दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिठाई खिलाकर साथ जाने की सहमति जताई।
लोक अदालत परिसर में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों द्वारा कौशल विकास के तहत तैयार किए गए सामानों का स्टॉल भी लगाया गया। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अंकित वर्मा ने किया।
विधिक सलाहकार अंजेश सिंह ने बताया कि सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया है। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अहसानुल्लाह खान, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मुकेश कुमार सिंह प्रथम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही, कमला पति-1, अजय श्रीवास्तव, विजय कुमार वर्मा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
मैंने पीएम स्वनिधि से ठेला-खोमचा लगाने के लिए 10 हजार रुपये वर्ष 2022 में ली थी। इसे जमा नहीं कर पाई, जो अब बढ़कर 13 हजार रुपये हो गया था। आज लोक अदालत में 7 हजार रुपया जमा कराकर खत्म कराया। -अर्चना, पल्हनी।
मेरे पिता जी ने 60 हजार रुपये का लोन लिया था। कोरोना के दौरान इसकी नोटिस आई। अब कुल 1.31 लाख रुपये हो गया है। आज लोक अदालत में इसे खत्म कराने के लिए आया। -रणविजय, निवासी देवारा कदीद।
वर्ष 2018 में खेती के लिए 16 हजार रुपये का लोन लिया था। आज लोक अदालत में 12 हजार रुपये की छूट मिली है। मात्र चार हजार रुपये जमा करना पड़ा है। -महेंद्र चौरसिया, निवासी वीरभानपुर।
घर-गृहस्थी के लिए मुद्रा लोन बैंक से लिया था। अब लोन बढ़कर 50686 रुपया हो गया था। आज लोक अदालत में आया था। इसमें 20686 रुपये माफ किए गए हैं। -भोला, निवासी सिधारी पकड़ी।

राष्ट्रीय लोक आदालत का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते हुए। स्रोत-सूचना विभाग