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सुविधाओं का अभाव झेल रहा सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:32 PM IST
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आजमगढ़। नगर का एकमात्र सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम अपने हाल पर आंसू बहा रहा है। स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव है। कई खेलों के कोच वर्षों से नहीं है। जिन खेलों के कोच हैं वह खेल भी जर्जर हालत के कारण संभव नहीं हो पा रहे हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी मुद्रिका पाठक बजट न होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रही हैं। जनपद से निकलकर देश और विदेश में अपना और जनपद का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की पूरी फौज है। सुविधाओं के अभाव में यह खिलाड़ी सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम में निखर कर सबको अपनी प्रतिभा का लोहा बनवाते हैं। लेकिन आज अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यह स्टेडियम उजाड़ सा हो गया है। स्टेडियम की आउटफील्ड हल्की बारिश में ही तालाब में तब्दील हो जाती है। जिसके कारण फुटबाल, हाकी, हैंडबाल, क्रिकेट आदि खेल नहीं हो पाते हैं। शिवम् शर्मा और शांतनु शर्मा जैसे बैडमिंटन खिलाड़ियों ने इसी स्टेडियम से बैडमिंटन का ककहरा सीखा और आज देश और विश्व पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। लेकिन बैडमिंटन कोर्ट भी दुर्दशा का शिकार हो गया है। मरम्मत न होने से इसमें जगह-जगह से पानी टपकता है। वर्ष 2008 में लगभग 76 लाख रुपये की लागत से जिम्नेजियम हाल का निर्माण कराया गया। कई सालों बाद इसका लोकार्पण हुआ लेकिन आज इसमें कुश्ती के लिए बनाई गई लकड़ी की फ्लोरिंग जगह से टूट गई है। जिस पर खेल तो दूर पैदल चलना भी चलना दूभर है। लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बना बास्केटबाल का सिंथेटिक कोर्ट जगह-जगह से सड़ चुका है। स्टेडियम में अक्सर होने वाली चोरियों को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए लेकिन आज सारे के सारे कैमरे बंद पड़े हैं। स्टेडियम में जितने भी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी आए सबने नौकरी तो की लेकिन किसी ने भी स्टेडियम की दशा में सुधार करने की कोशिश नहीं की। जिसका परिणाम है कि स्टेडियम आज अपने हाल पर आंसू बहा रहा है। स्टेडियम से बाहर खिलाड़ियों के रहने के लिए छात्रावास बनाया गया है जिस पर स्टेडियम के कर्मचारियों का कब्जा बना हुआ है। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी बजट न होने को कारण बताती हैं।
कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच देने के बाद भी स्टेडियम की हालत काफी चिंताजनक है। आज जिम्नेजियम हाल की जो हालत है उसमें खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर सकता है। जो भी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी यहां आते हैं उनके द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। लेकिन हम लोग सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर खेल प्रोत्साहन समिति से पैसे की व्यवस्था कर जिम्नेजियम हाल की मरम्मत और स्टेडियम के ग्राउंड में मिट्टी डलवाकर उसे ऊंचा कराने की मांग करेंगे।
राधामोहन गोयल, जिलाध्यक्ष, जिला कुश्ती संघ।
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कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच देने के बाद भी स्टेडियम की हालत काफी चिंताजनक है। आज जिम्नेजियम हाल की जो हालत है उसमें खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर सकता है। जो भी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी यहां आते हैं उनके द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। लेकिन हम लोग सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर खेल प्रोत्साहन समिति से पैसे की व्यवस्था कर जिम्नेजियम हाल की मरम्मत और स्टेडियम के ग्राउंड में मिट्टी डलवाकर उसे ऊंचा कराने की मांग करेंगे।
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राधामोहन गोयल, जिलाध्यक्ष, जिला कुश्ती संघ।