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जलस्तर घटा, लोगों ने राहत की सांस

Fri, 20 Jul 2018 12:12 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:12 AM IST
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जलस्तर घटा, लोगों ने राहत की सांस
लाटघाट। विगत कई दिनों तक बढ़ने के बाद घाघरा का जलस्तर अब घटने लगा है। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही कटान में तेजी आ गई है। जिसने नदी के किनारे बसे लोगों की चिंता को बढ़ा दिया हे। विगत 24 घंटों में बदरहुंआ गेज पर घाघरा के जलस्तर में 43 सेमी और डिघिया गेज पर 37 सेमी की कमी दर्ज की गई। तेजी से हो रही कटान के चलते लोग अपनी गृहस्थी को समेटने में लगे हैं। त्रिलोकी के पुरवा के आशियाने नदी के मुहाने पर आ गए हैं। गुरुवार को सजगू के परिवार के लोग अपने सामान को समेटते नजर आए। अनाज, चारा, भूसा, चारपाई, मड़ई को ट्राली पर लादकर दूसरे स्थान पर जा रहे हैं। अबतक 20 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। आबादी की ओर बढ़ रही घाघरा नदी से धुकधुकी बढने लगी है। त्रिलोकी के पुरवा गांव के दर्जन भर परिवार तो अब सुरक्षित ठिकानों की ओर जाना शुरू कर दिए हैं। जिले में अभी बरसात नहीं हुई है कि नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो लेकिन अन्य जगहों पर हुई भारी बरसात के चलते देवरांचल में बहने वाली घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हु ई। एक बार फिर नदी घटना शुरू हो गई है। देवारावासियों पर घाघरा का कटान कहर बरपाना शुरू कर दिया है। काफी मात्रा में खेती योग्य भूमि जहां घाघरा की जलधारा में समाहित हो चुकी है। त्रिलोकी का पुरवा गांव के सकलू, त्रिलोकी, सुखानू, बहादुर आदि परिवारों में दहशत व्याप्त हो गया है जो नदी के मुहाने पर है। मुराली का पुरवा के 18 आशियाने जहां पिछले वर्ष आई बाढ़ में घाघरा में समाहित हो चुके हैं वहीं 19 लोगों के आशियाने अब भी कटान की जद में है। नदी आबादी की ओर कटान करते हुए आ रही है।आबादी से सौ मीटर दूरी पर बह रही नदी लोगो की धुकधुकी बढ़ा दी है। उप जिलाधिकारी सगड़ी पंकज श्री वास्तव ने कटान का निरीक्षण किया। कहा कि सभी को सुरक्षित स्थान मिल गया है। लोगों से जल्द घर खाली करने को कहा गया है। नदी का जलस्तर घट रहा है।
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पशुओं में फैली बीमारी एक की मौत।
लाटघाट। रौनापार थानाक्षेत्र के देवारा खास राजा के त्रिलोकी के पुरवा गांव निवासी भालचंद यादव पुत्र हरिपाल यादव की भैंस अचानक बीमार हो गई। जब तक उसका इलाज होता भैंस मर गई। भालचंद ने बताया कि रात 11 बजे भैंस बीमार पड़ी और एक बजे मर गई। ग्रामीण भैंस को गला घोंटू रोग होने की बात कह रहे हैं।
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