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अब कमेटी से करेगी समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की जांच

Tue, 27 Feb 2018 12:24 AM IST
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:24 AM IST
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अब कमेटी से करेगी समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों की जांच
आजमगढ़। पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग से अनुदानित 83 हरिजन प्रा. विद्यालयों में कार्यरत लगभग 500 शिक्षकों में सौ से ज्यादा के फर्जी होने का मामला उजागर होने के बाद सभी स्कूलों का सत्यापन शुरू किया था। लेकिन सत्यापन समाज कल्याण विभाग के ही करने सवालिया निशान लगने लगे थे। अमर उजाला के इस मुद्दे को उठाने पर जिलाधिकारी ने जांच कमेटी का गठन कर कराने का फैसला किया है। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी से पत्रावली तलब की गई है।
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समाज कल्याण विभाग से अनुदानित 83 हरिजन विद्यालयों में लगभग 500 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें सौ से ज्यादा शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति और नियुक्ति में लगाए गए प्रमाण-पत्रों पर हमेशा अंगुलियां उठती रही हैं। शिकायत होने पर विभाग की ओर से कभी इनका वेतन रोक दिया जाता है तो कभी जारी कर दिया जाता है। कभी भी सिरे से इसकी जांच नहीं होने से ऐसे शिक्षकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बार भी सत्यापन समाज कल्याण विभाग की ओर से ही शुरू करने से इनके फिर पकड़े जाने पर अंगुलियां उठने लगी थी। लिहाजा जिलाधिकारी ने कमेटी से जांच कराने की बात कहसमाज कल्याण अधिकारी से संबंधित पत्रावली तलब की गई है।
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समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के कई शिकायतें संज्ञान में आई हैं। सभी शिक्षकों की कमेटी का गठन कर जांच कराई जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी से पत्रवाली तलब की गई है।
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सीबी सिंह, जिलाधिकारी
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बिना बीएसए के अनुमोदन के भी हुई हैं नियुक्तियां
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां बीएसए की अनुमोदन के बाद ही होती है। सूत्रों की माने तो जनपद के कई विद्यालयों बिना बीएसए के अनुमोदन के ही नियुक्ति की गई है। पिछले दिनों बिलरियागंज ब्लाक के संजय गांधी विद्या मंदिर बघेला की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। शिकायतकर्ता राम नरायन राय ने आरोप लगाया था कि विद्यालय की प्रथम मान्यता 1987-88 में हुई थी, लेकिन विद्यालय में नियुक्तियां 1980 में ही कर दी गईं। विद्यालय में तैनात कई शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति को भी फर्जी बताया गया है। इसके साथ ही नियमों को ताक पर रखकर प्रंबंध समिति के लोगों पर अपने रिश्तेदारों की नियुक्ति कराने का आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की जांय अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह को सौंपी है।


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मऊ की कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप
समाज कल्याण विभाग से संचालित पड़ोसी जनपद के विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी मऊ के बीएसए दफ्तर में छापेमारी करने, 20 प्रबंधकों और 35 शिक्षकों को खिलाफ एफआईआर करने की जानकारी के बाद जनपद में फर्जी शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी सकते में हैं। क्योंकि यहां भी शिक्षकों से वसूली कर बैक डेट में नियुक्ति का खेल लंबे स्तर पर खेला गया है।
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