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मांगे पूरी नहीं हुई तो होगी आरपार की लड़ाई
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:08 AM IST
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मेंहनगर। लेखपाल संघ की मेंहनगर इकाई द्वारा आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 19 जून से किया जा रहा धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान लेखपालों ने मांगों का ज्ञापन एसडीएम मेंहनगर के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा।
धरने को संम्बोधित करते हुऐ लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहा कि सरकार के विभेदपूर्ण कार्य ही ऐसे आंदोलन के लिए बाध्य करते हैं। नियुक्ति के समय जहां वेतन ग्रेड 2000 लेखपाल का होता है वहीं चपरासी को 1900 पर रखा जाता है। यदि एक दिन के लिए ही सासंद, विधायक और विधान परिषद सदस्य होते हैं तो उन्हें सारे भत्ते के साथ जीवनकाल में पेंशन दी जाती है। जबकि 60 साल की सेवा के बाद लेखपाल इसका हकदार नहीं है। वहीं दैनिक खर्च भत्ता के लिए मामलों का निस्तारण, थाना समाधान दिवस सहित अन्य कार्य के लिए केवल 3.30 पैसे प्रति दिन के दर से दिए जाते हैं जो विभेद पूर्ण है। यदि सरकार द्वारा हमारी मांगों को नजरंदाज किया गया तो नौ जुलाई को सभी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लडने लिए संगठन बाध्य होगा। इस मौके पर लेखपाल रामजनम सिंह, जितेंद्र, राधेश्याम, चंद्रबली, सत्येंद्र, पंकज अस्थाना आदि उपस्थित थे।
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धरने को संम्बोधित करते हुऐ लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहा कि सरकार के विभेदपूर्ण कार्य ही ऐसे आंदोलन के लिए बाध्य करते हैं। नियुक्ति के समय जहां वेतन ग्रेड 2000 लेखपाल का होता है वहीं चपरासी को 1900 पर रखा जाता है। यदि एक दिन के लिए ही सासंद, विधायक और विधान परिषद सदस्य होते हैं तो उन्हें सारे भत्ते के साथ जीवनकाल में पेंशन दी जाती है। जबकि 60 साल की सेवा के बाद लेखपाल इसका हकदार नहीं है। वहीं दैनिक खर्च भत्ता के लिए मामलों का निस्तारण, थाना समाधान दिवस सहित अन्य कार्य के लिए केवल 3.30 पैसे प्रति दिन के दर से दिए जाते हैं जो विभेद पूर्ण है। यदि सरकार द्वारा हमारी मांगों को नजरंदाज किया गया तो नौ जुलाई को सभी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लडने लिए संगठन बाध्य होगा। इस मौके पर लेखपाल रामजनम सिंह, जितेंद्र, राधेश्याम, चंद्रबली, सत्येंद्र, पंकज अस्थाना आदि उपस्थित थे।
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