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मिड-डे-मील को आधार कार्ड से जोड़ने की मुहिम को लग रहा पलीता
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:15 PM IST
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आजमगढ़। मिड-डे मील में हो रही धांधली को रोकने के लिए सरकार ने छात्रों के आधार कार्ड को मिड-डे मील से जोड़ने की योजना बनाई। एक जुलाई से इसी के आधार पर मिड-डे-मील के वितरण का निर्णय लिया गया। सरकार की इस मंशा पर जनपद में पलीता लग रहा है। हालांकि विभाग द्वारा इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है लेकिन गर्मी की छुट्टियां होने के कारण इसमें तेजी नहीं आ पा रही है। जनपद में लगभग पौने चार लाख छात्र पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष अब तक लगभग 80 हजार छात्रों का ही आधार कार्ड बन सका है।
बताते चलें कि विद्यालयों में बड़े पैमाने पर मध्याह्न भोजन में धांधली की जाती थी। उनके द्वारा रजिस्टर में छात्रों की संख्या ज्यादा दर्जकर मध्याह्न भोजन का पैसा लिया जाता था। इस पर सरकार ने मिड-डे मील को आधार कार्ड से जोड़ने की योजना बनाई। इस योजना के तहत छात्रों का आधार कार्ड बनाना था। इसी के आधार पर एक जुलाई से मिड-डे मील का वितरण होना है लेकिन गर्मी की छुट्टियां होने के कारण इस योजना का पलीता लग रहा है। विद्यालय खुलने में कुछ ही दिन शेष हैं और अभी तक जनपद में सभी बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन सका है। वहीं, छुट्टी होने के कारण शिक्षक भी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके कारण जनपद में पंजीकृत लगभग 375000 छात्रों में से लगभग 80 हजार छात्रों का ही पंजीकरण हो सका है। इस प्रकार जुलाई माह तक यह कार्य पूूरी होने की संभावना नगण्य है।
आधार कार्ड के मिड-डे मील से जुड़ने से विद्यालयों में छात्रों की संख्या को लेकर होने वाला फर्जीवाड़ा काफी हद तक कम हो जाएगा। एक विद्यालय में जब किसी छात्र का आधार कार्ड मिड-डे मील से जुड़ जाएगा तो इसके बाद अगर किसी दूसरे विद्यालय में उसका नाम दर्ज होगा तो इसकी जानकारी हो जाएगी और उस छात्र का नाम मिड-डे मील की सूची से बाहर हो जाएगा। बताते चलें कि पूर्व में जब अधिकारी किसी विद्यालय की जांच करने जाते थे तो उपस्थिति पंजिका में छात्रों की संख्या अगर 125 है तो मौके पर मात्र 25 से 30 छात्र ही उपस्थित होते थे। जिससे यह अंदेशा होता था कि छात्रों की संख्या बढ़ाकर लिखी गई है। आधार कार्ड के मिड-डे मील से जुड़ने पर इस पर लगाम लगेगी।
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प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कुटी के प्रधानाध्यापक कृष्णानंद विश्वकर्मा ने कहा कि हमारे यहां 136 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें से आठ या नौ बच्चों के पास ही आधार कार्ड है। हम लोगों को बड़ी समस्या हो रही है। हमलोग इसके लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन गर्मी की छुट्टी होने के कारण ज्यादातर बच्चे बाहर गए हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कादीपुर के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे यहां 59 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से सात बच्चों के पास आधार कार्ड है। बाकी बिना आधार कार्ड के हैं। हमें खुद इस बात की चिंता है कि अगर सभी का आधार कार्ड नहीं बना तो हम जुलाई से उन्हें मध्याह्न भोजन कहां से उपलब्ध कराएंगे क्योंकि इसके आधार पर ही मध्याह्न भोजन का पैसा मिलेगा।
जिले में लगभग 80000 बच्चों का आधार कार्ड बन गया है लेकिन छुट्टी होने के कारण शिक्षक और छात्र दोनों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। जुलाई माह में इसमें तेजी आने की संभावना है। - प्रमोद कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बताते चलें कि विद्यालयों में बड़े पैमाने पर मध्याह्न भोजन में धांधली की जाती थी। उनके द्वारा रजिस्टर में छात्रों की संख्या ज्यादा दर्जकर मध्याह्न भोजन का पैसा लिया जाता था। इस पर सरकार ने मिड-डे मील को आधार कार्ड से जोड़ने की योजना बनाई। इस योजना के तहत छात्रों का आधार कार्ड बनाना था। इसी के आधार पर एक जुलाई से मिड-डे मील का वितरण होना है लेकिन गर्मी की छुट्टियां होने के कारण इस योजना का पलीता लग रहा है। विद्यालय खुलने में कुछ ही दिन शेष हैं और अभी तक जनपद में सभी बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन सका है। वहीं, छुट्टी होने के कारण शिक्षक भी इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके कारण जनपद में पंजीकृत लगभग 375000 छात्रों में से लगभग 80 हजार छात्रों का ही पंजीकरण हो सका है। इस प्रकार जुलाई माह तक यह कार्य पूूरी होने की संभावना नगण्य है।
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आधार कार्ड के मिड-डे मील से जुड़ने से विद्यालयों में छात्रों की संख्या को लेकर होने वाला फर्जीवाड़ा काफी हद तक कम हो जाएगा। एक विद्यालय में जब किसी छात्र का आधार कार्ड मिड-डे मील से जुड़ जाएगा तो इसके बाद अगर किसी दूसरे विद्यालय में उसका नाम दर्ज होगा तो इसकी जानकारी हो जाएगी और उस छात्र का नाम मिड-डे मील की सूची से बाहर हो जाएगा। बताते चलें कि पूर्व में जब अधिकारी किसी विद्यालय की जांच करने जाते थे तो उपस्थिति पंजिका में छात्रों की संख्या अगर 125 है तो मौके पर मात्र 25 से 30 छात्र ही उपस्थित होते थे। जिससे यह अंदेशा होता था कि छात्रों की संख्या बढ़ाकर लिखी गई है। आधार कार्ड के मिड-डे मील से जुड़ने पर इस पर लगाम लगेगी।
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प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कुटी के प्रधानाध्यापक कृष्णानंद विश्वकर्मा ने कहा कि हमारे यहां 136 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें से आठ या नौ बच्चों के पास ही आधार कार्ड है। हम लोगों को बड़ी समस्या हो रही है। हमलोग इसके लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन गर्मी की छुट्टी होने के कारण ज्यादातर बच्चे बाहर गए हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कादीपुर के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे यहां 59 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से सात बच्चों के पास आधार कार्ड है। बाकी बिना आधार कार्ड के हैं। हमें खुद इस बात की चिंता है कि अगर सभी का आधार कार्ड नहीं बना तो हम जुलाई से उन्हें मध्याह्न भोजन कहां से उपलब्ध कराएंगे क्योंकि इसके आधार पर ही मध्याह्न भोजन का पैसा मिलेगा।
जिले में लगभग 80000 बच्चों का आधार कार्ड बन गया है लेकिन छुट्टी होने के कारण शिक्षक और छात्र दोनों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। जुलाई माह में इसमें तेजी आने की संभावना है। - प्रमोद कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी