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अमजद डे के रूप में मनाई गई संस्थापक की जयंती
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:13 AM IST
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बिंद्राबाजार। अमजद अली इंटर कॉलेज मुहम्मदपुर के संस्थापक स्व. अमजद अली गजनवी की 22 पुण्यतिथि सोमवार को कालेज परिसर में अमजद डे के रुप में मनाई गई। जिसमें लोगों स्व. अमजद अली गजनवी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के बच्चों ने तिलावते कलाम पाक से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंधक मोहम्मद अजफ़र एडवोकेट ने किया एवं संचालन आलोक कुमार श्रीवास्तव ने किया । प्रवक्ता जमीर अहमद ने कहा कि अमजद साहब के अंदर इंसानियत का जज्बा कूट.कूट कर भरा हुआ था। उन्होंने इस विद्यालय को एक गुलदस्ते की तरह सजाया। अगर हिंदुस्तान की असली झलक देखनी हो तो आपको इस विद्यालय में एक बार अवश्य आना चाहिए। विद्यालय के प्रबंधक मो. अजफ़र ने कहा कि अमजद साहब के मिशन को पूरा करना ही मेरा एक मात्र लक्ष्य है। इस विद्यालय में सभी वर्ग के लोग शिक्षा ग्रहण करते हैं। भविष्य में उन्हें इससे बेहतर शिक्षा देना हमारा संकल्प है। इंसानियत का जो जज्बा अमजद साहब के अंदर था, वह कम लोगों में देखा जाता है। एक साथ कुशल अधिवक्ता, समाज के रहनुमा, विद्यालय के संस्थापक और शायर सभी गुण कम ही लोगों में देखने को मिलते हैं। इन्हीं कारणों से वह लोगों के हमदर्द और मसीहा कहलाते थे। अखिलेश द्विवेदी ने कहा के इस महामना के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए हुए रास्तों पर चलें। ओपी मिश्रा ने कहा कि अमजद साहब एक ऐसी विभूति थे जिनका कोई सानी नहीं है वह हम सभी के सरपरस्त थे। बच्चों के प्रति उनके दिल में अथाह लगाव था वह जब कभी भी विद्यालय आते तो तमाम बच्चे अपनी बात उनसे मनवा ही लेते थे। कार्यक्रम में अलाउद्दीन एडवोकेट, रेहान कैसरबेग, कल्बे हुसैन, असलम, मोहम्मद हारून, एजाज अहमद, अली शब्बर, फहीम रहमानी, गुलाम सुभानी, हकीमुद्दीन, मानिक चंद यादव, शेषनाथ आदि उपस्थित थे। प्रधानाचार्य अब्दुल राजिक ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन आलोक कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के बच्चों ने तिलावते कलाम पाक से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंधक मोहम्मद अजफ़र एडवोकेट ने किया एवं संचालन आलोक कुमार श्रीवास्तव ने किया । प्रवक्ता जमीर अहमद ने कहा कि अमजद साहब के अंदर इंसानियत का जज्बा कूट.कूट कर भरा हुआ था। उन्होंने इस विद्यालय को एक गुलदस्ते की तरह सजाया। अगर हिंदुस्तान की असली झलक देखनी हो तो आपको इस विद्यालय में एक बार अवश्य आना चाहिए। विद्यालय के प्रबंधक मो. अजफ़र ने कहा कि अमजद साहब के मिशन को पूरा करना ही मेरा एक मात्र लक्ष्य है। इस विद्यालय में सभी वर्ग के लोग शिक्षा ग्रहण करते हैं। भविष्य में उन्हें इससे बेहतर शिक्षा देना हमारा संकल्प है। इंसानियत का जो जज्बा अमजद साहब के अंदर था, वह कम लोगों में देखा जाता है। एक साथ कुशल अधिवक्ता, समाज के रहनुमा, विद्यालय के संस्थापक और शायर सभी गुण कम ही लोगों में देखने को मिलते हैं। इन्हीं कारणों से वह लोगों के हमदर्द और मसीहा कहलाते थे। अखिलेश द्विवेदी ने कहा के इस महामना के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए हुए रास्तों पर चलें। ओपी मिश्रा ने कहा कि अमजद साहब एक ऐसी विभूति थे जिनका कोई सानी नहीं है वह हम सभी के सरपरस्त थे। बच्चों के प्रति उनके दिल में अथाह लगाव था वह जब कभी भी विद्यालय आते तो तमाम बच्चे अपनी बात उनसे मनवा ही लेते थे। कार्यक्रम में अलाउद्दीन एडवोकेट, रेहान कैसरबेग, कल्बे हुसैन, असलम, मोहम्मद हारून, एजाज अहमद, अली शब्बर, फहीम रहमानी, गुलाम सुभानी, हकीमुद्दीन, मानिक चंद यादव, शेषनाथ आदि उपस्थित थे। प्रधानाचार्य अब्दुल राजिक ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन आलोक कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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