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अपने घर से करें महिला सशक्तिकरण की शुरूआत- शबाना
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:57 AM IST
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आजमगढ़। महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर से ही करना होगा। जब तक महिला को घर में उसका हक और सम्मान नहीं मिलता, समाज में उसे हक और सम्मान दिलाने की बात बेमानी है। यह बात मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी ने गुरुवार को श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय के रजत जयंती समारोह के दौरान कही। गुरुवार को सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि हम अपने घर में ही बेटा-बेटी में फर्क करना शुरू कर देते हैं। अक्सर फोन करिए। अगर बच्चा फोन उठाता है तो बताता है कि पापा आफिस गए हैं और मम्मी किचेन में है। हमें इसे बदलना होगा इसकी शुरूआत हमें घर से ही करनी होगी। तभी महिला सशक्तिकरण संभव होगा। जिस दिन फोन पर बच्चा कहे मम्मी आफिस में हैं या मम्मी पापा किचेन में हैं। तब सही मायनों में महिला सशक्तिकरण होगा। पुस्तकालय की निदेशिका हिना देसाई ने महिला को सशक्त बनने की सलाह देते हुए कहा कि वह अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मनिर्भर बनें। महिलाएं जब सशक्त होंगी तो उनके ऊपर अत्याचार पर अंकुश लगेगा। विभूति नारायण राय ने बताया कि आज हम जिस पुस्तकालय का रजत जयंती समारोह मना रहे हैं। उसकी मुख्य बिल्डिंग शबाना आजमी के फंड से ही बनी है। हिना देसाई विगत 10 वर्षों से पुस्तकालय का कुशलता पूर्वक संचालन करती आ रही है। जब देश की महिला सशक्त होगी तभी हम देश के विकास की बात कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन आयशा खान ने किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए गए थे। इस मौके पर डॉ. लीना मिश्रा, विभा गोयल, वंदना मिश्रा, नीलांबुज गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि हम अपने घर में ही बेटा-बेटी में फर्क करना शुरू कर देते हैं। अक्सर फोन करिए। अगर बच्चा फोन उठाता है तो बताता है कि पापा आफिस गए हैं और मम्मी किचेन में है। हमें इसे बदलना होगा इसकी शुरूआत हमें घर से ही करनी होगी। तभी महिला सशक्तिकरण संभव होगा। जिस दिन फोन पर बच्चा कहे मम्मी आफिस में हैं या मम्मी पापा किचेन में हैं। तब सही मायनों में महिला सशक्तिकरण होगा। पुस्तकालय की निदेशिका हिना देसाई ने महिला को सशक्त बनने की सलाह देते हुए कहा कि वह अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मनिर्भर बनें। महिलाएं जब सशक्त होंगी तो उनके ऊपर अत्याचार पर अंकुश लगेगा। विभूति नारायण राय ने बताया कि आज हम जिस पुस्तकालय का रजत जयंती समारोह मना रहे हैं। उसकी मुख्य बिल्डिंग शबाना आजमी के फंड से ही बनी है। हिना देसाई विगत 10 वर्षों से पुस्तकालय का कुशलता पूर्वक संचालन करती आ रही है। जब देश की महिला सशक्त होगी तभी हम देश के विकास की बात कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन आयशा खान ने किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए गए थे। इस मौके पर डॉ. लीना मिश्रा, विभा गोयल, वंदना मिश्रा, नीलांबुज गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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