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क्लेम की रकम के लिए अदालत को किया गुमराह
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:16 AM IST
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आजमगढ़। जिला जज साधना रानी ठाकुर के निर्देश पर मंगलवार को एक दंपती पर क्लेम लेने के लिए तथ्य छिपाकर न्यायालय में बयानहल्फी देने की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट कोर्ट में तैनात लिपिक प्रेमलाल ने दर्ज कराया है। दीवानी न्यायालय में तैनात लिपिक प्रेमलाल के मुताबिक वर्ष 2011 में जहानागंज थाना क्षेत्र के कौडिय़ा गांव निवासी संजाफी देवी पत्नी उदयभान वर्मा के बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस संबंध में इनकी तरफ से अदालत में क्लेम दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने 22 फरवरी 2017 को इनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 464260 रुपये देने का आदेश दिया। जिला जज की अदालत से मुकदमा हार जाने के बाद इंश्योरेंस कंपनी श्रीराम फायनेंस की तरफ से फरवरी 2017 में ही हाईकोर्ट में अपील की गई। सुनवाई के दौरान उच्च अदालत ने इस मामले में स्थगन आदेश दे दिया। नोटिस के जरिए इस बात की जानकारी उदयभान आदि को भी थी। बावजूद इसके उदयभान और उसकी पत्नी संजाफी देवी साजिश के तहत जिला जज के समक्ष गलत बयानहल्फी देकर क्लेम की रकम दिलाए जाने की मांग की। अदालत की तरफ से जब इंश्योरेंस कंपनी को रुपये अदा करने के लिए आदेश हुआ तो कंपनी की तरफ से हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के विषय में जानकारी दी गई। इससे स्पष्ट हुआ कि महज चंद रुपयों की लालच की खातिर दंपती की तरफ से फरेब और अदालत को गुमराह किया गया। एसपीसिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि तहरीर के आधार पर उदयभान वर्मा और उसकी पत्नी के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच दरोगा दिनेश प्रसाद को सौंपी गई है।
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