{"_id":"5ae7592b4f1c1b9d098b74be","slug":"101525111083-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ता हित पर हुआ विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ता हित पर हुआ विचार
Updated Mon, 30 Apr 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के सभागार में संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को शिव गोविंद यादव अधिवक्ता की अध्यक्षता में हुई। जिसमें अधिवक्ताओं की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव के समय में अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ दिए गए 40 करोड़ रुपये को मौजूदा योगी की सरकार ने बंद कर दिया है। जिसे बहाल करने की अधिवक्ताओं ने मांग की। साथ ही प्राविडेंट फंड की धनराशि को डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख किए जाने, नये अधिवक्ताओं से प्राविजन लाइसेंस के नाम पर वसूली जा रही रकम को बंद किए जाने, राजस्व न्यायिक अधिकारियों का अलग से कैडर बनाए जाने, बार कौंसिल आफ इंडिया में सरकारी दखलअंदाजी नहीं किए जाने, नये अधिवक्ताओं को स्टाइपेंड देने, बीमा योजना को पुन: बहाल किए जाने, रिक्त न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की तत्काल नियुक्त किए जाने की मांग की। बैठक में संघ के अध्यक्ष सूबेदार यादव, मंत्री शमशाद अहमद, पूर्व अध्यक्षों में सच्चिदानंद राय, दयाराम यादव, अनिल कुमार राय, ओम प्रकाश यादव, जगदीश यादव, मिथिलेश यादव, जितेंद्र यादव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव के समय में अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ दिए गए 40 करोड़ रुपये को मौजूदा योगी की सरकार ने बंद कर दिया है। जिसे बहाल करने की अधिवक्ताओं ने मांग की। साथ ही प्राविडेंट फंड की धनराशि को डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख किए जाने, नये अधिवक्ताओं से प्राविजन लाइसेंस के नाम पर वसूली जा रही रकम को बंद किए जाने, राजस्व न्यायिक अधिकारियों का अलग से कैडर बनाए जाने, बार कौंसिल आफ इंडिया में सरकारी दखलअंदाजी नहीं किए जाने, नये अधिवक्ताओं को स्टाइपेंड देने, बीमा योजना को पुन: बहाल किए जाने, रिक्त न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की तत्काल नियुक्त किए जाने की मांग की। बैठक में संघ के अध्यक्ष सूबेदार यादव, मंत्री शमशाद अहमद, पूर्व अध्यक्षों में सच्चिदानंद राय, दयाराम यादव, अनिल कुमार राय, ओम प्रकाश यादव, जगदीश यादव, मिथिलेश यादव, जितेंद्र यादव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन