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सीडीओ और संयुक्त निदेशक अभियोजन लेंगे फैसला
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। जिले के 56 विद्यालयों की जांच में 22 विद्यालयों में घोटाला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन अब इन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और संयुक्त निदेशक अभियोजन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
जिले में सांसद और विधायक निधि में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। इसका खुलासा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर हुई जांच के दौरान हुआ। मार्च 2017 में 26 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने गड़बड़ी मिलने पर सात विद्यालयों के खिलाफ निधि के धन की वसूली और एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। वसूली से पूर्व नोटिस जारी ने करने से प्रबंधकों को इसका फायदा मिला और उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। लेकिन हाल ही में 56 विद्यालयों की जांच में 10 विद्यालय ऐसे मिले जिन्होंने निधि जिस जमीन पर ली उस पर विद्यालय का भवन नहीं मिला। 12 ऐसे विद्यालय मिले जिन्होंने फर्जी खतौनी लगाकर विधायक निधि ली थी। अब जिला प्रशासन ऐसी तैयारी में है कि पिछली बार की तरह प्रबंधकों को हाईकोर्ट से राहत न मिले। इसके लिए पहले इनको नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही रकम की वसूली के लिए संयुक्त निदेशक अभियोजन से भी राय ली जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी, अभिषेक सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देेश पर मेरे और संयुक्त निदेशक अभियोजन द्वारा इस मामले में गहन मंत्रणा कर कार्रवाई की जाएगी। ताकि पिछली बार की तरह प्रबंधकों को हाईकोर्ट से स्टे आदि न मिल जाए। अभी तो इनको नोटिस जारी किया जा रहा है।
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जिले में सांसद और विधायक निधि में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। इसका खुलासा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर हुई जांच के दौरान हुआ। मार्च 2017 में 26 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने गड़बड़ी मिलने पर सात विद्यालयों के खिलाफ निधि के धन की वसूली और एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। वसूली से पूर्व नोटिस जारी ने करने से प्रबंधकों को इसका फायदा मिला और उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। लेकिन हाल ही में 56 विद्यालयों की जांच में 10 विद्यालय ऐसे मिले जिन्होंने निधि जिस जमीन पर ली उस पर विद्यालय का भवन नहीं मिला। 12 ऐसे विद्यालय मिले जिन्होंने फर्जी खतौनी लगाकर विधायक निधि ली थी। अब जिला प्रशासन ऐसी तैयारी में है कि पिछली बार की तरह प्रबंधकों को हाईकोर्ट से राहत न मिले। इसके लिए पहले इनको नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही रकम की वसूली के लिए संयुक्त निदेशक अभियोजन से भी राय ली जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी, अभिषेक सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देेश पर मेरे और संयुक्त निदेशक अभियोजन द्वारा इस मामले में गहन मंत्रणा कर कार्रवाई की जाएगी। ताकि पिछली बार की तरह प्रबंधकों को हाईकोर्ट से स्टे आदि न मिल जाए। अभी तो इनको नोटिस जारी किया जा रहा है।
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