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जमानत पर रिहा सजायाफ्ता अपराधियों पर रखें नजर

Mon, 06 Nov 2017 11:38 PM IST
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:38 PM IST
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जमानत पर रिहा सजायाफ्ता अपराधियों पर रखें नजर
आजमगढ़। कमिश्नर ने सोमवार को अभियोजन कार्यों, लंबित सिविल, राजस्व एवं फौजदारी वादों की समीक्षा की। इस दौरान जमानत पर रिहा साजायाफ्ता अपराधियों की ऐक्टिविटी पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। एनसीआर और अन्य माइनर क्ट के वादों पर गंभीरता दिखाने को कहा ताकि बार-बार कानून तोड़ने की प्रवृत्ति को खत्म किया जा सके।
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कमिश्नर ने कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कहा कि राजस्व के जो भी सरकारी वाद पुरानी हो चुके हैं, उनकी पैरवी कर वादों को खत्म कराएं। संयुक्त निदेशक अभियोजन को निर्देश दिया कि जिन-जिन न्यायालयों में वाद प्रचलित हैं, उनसे संबंधित अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि मुकदमों के निर्णय की प्रति एक सप्ताह के अंदर डीएम को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। संज्ञेय अपराधों की विवेचना समय से नहीं की जा रही है जो खेदजनक है। एनसीआर और अन्य माइनर क्ट में दोषी जुर्माने देकर बरी हो जाते हैं। दोबारा अपराध करने में कोई झिझक महसूस नहीं करते हैं। ग्रामसभा की जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले में राजस्वकर्मियों का दायित्व निर्धारित करें। एसडीएम और तहसीलदार जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराना सुनिश्चित करें।
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