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तीन साल से एक ही पटल पर जमे बाबुओं पर गिरी गाज, बदले पटल
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:50 PM IST
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आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तीन साल से भी अधिक समय से एक ही पटल पर जमे बाबुओं पर शासन की नजर टेड़ी हो गई। शासन के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कई बाबुओं के पटल में परिवर्तन किया है। इस फेरबदल में मुख्य चिकित्साधिकारी ने कई बाबुओं के पर कतरने का कार्य किया है। जिससे उनमें हड़कंप मचा हुआ है।
बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग में एक पटल पर 14 बाबू तीन साल से जमे हुए थे। जिसके कारण कार्यालय में बाबूगिरी हावी थी। वसूली, शिकायत कर्ताओं को टरकाने और कार्य में शिथिलता की लगातार शिकायतें मिल रही थी। कभी-कभी तो यह हंगामे का कारण भी बन जाती थी। तभी शासन से यह निर्देश आया कि जो बाबू तीन साल से एक पटल पर कार्य कर रहे हैं उनके पटल में परिवर्तन किया जाए। साथ ही जो महत्वपूर्ण पटल हैं उन पर किसी दागी बाबू की तैनाती नहीं की जाए। शासन के इस निर्देश का पालन करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी ने कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे बाबुओं के कार्यपटल में परिवर्तन कर दिया। जिसमें कई ऐसे बाबुओं के पर कतरे गए हैं जो अपने कार्यों के प्रति संजीदा नहीं थे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। यह परिवर्तन तो हता रहता है। शासन का निर्देश था कि तीन वर्ष से जो बाबू एक ही पटल पर कार्य कर रहे हैं। उनके पटल में परिवर्तन किया जाए। इस निर्देश के क्रम में यह परिवर्तन किया गया है। शासन का यह भी निर्देश है कि किसी दागी को महत्वपूर्ण पटल पर न तैनात किया जाए।
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इनके बदले गए पटल
मुख्य चिकित्साधिकारी ने लेखा बजट का कार्य देख रहे गोपाल पाठक को सामान्य प्रशासन, गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए रामजतन मौर्य को सामान्य प्रशासन, सामान्य प्रशासन का कार्य देख रहे रमाशंकर यादव को लेखा एंव बजट अनुभाग, गाड़ियों का परिचालन देख रहे आनंद राय को लेखा और बजट, चिकित्सकों के स्थानांतरण का कार्य देखने वाले शत्रुघ्न यादव को अवस्थापना, पोलियो का कार्य देखने वाले अशोक यादव को अवस्थापना, चपरासी, वार्ड ब्वाय और स्वीपर का कार्य देख रहे विनोद सिंह को अवस्थापना, दिव्यांग, चिकित्सा, प्रतिपूर्ति आदि का कार्य देखने वाले मनोज यादव को अवस्थापना, जीपीएफ का कार्य देखने वाले प्रभात सिंह को अवस्थापना, नसबंदी का कार्य देख रहे शेख मुस्तफा को पंजीयन, डिस्पैच का कार्य देखने वाली अंजना सिंह को अवस्थापना, नई पोस्टिंग संतोष यादव को अवस्थापना, अंधता निवारण देख रहे सत्यपाल चौहान को अवस्थापना और गैर जनपद से ट्रांसफर होकर आए सुरेंद्र राम को एनएचएम का प्रभार सौंपा गया है।
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बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग में एक पटल पर 14 बाबू तीन साल से जमे हुए थे। जिसके कारण कार्यालय में बाबूगिरी हावी थी। वसूली, शिकायत कर्ताओं को टरकाने और कार्य में शिथिलता की लगातार शिकायतें मिल रही थी। कभी-कभी तो यह हंगामे का कारण भी बन जाती थी। तभी शासन से यह निर्देश आया कि जो बाबू तीन साल से एक पटल पर कार्य कर रहे हैं उनके पटल में परिवर्तन किया जाए। साथ ही जो महत्वपूर्ण पटल हैं उन पर किसी दागी बाबू की तैनाती नहीं की जाए। शासन के इस निर्देश का पालन करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी ने कई वर्षों से एक ही पटल पर जमे बाबुओं के कार्यपटल में परिवर्तन कर दिया। जिसमें कई ऐसे बाबुओं के पर कतरे गए हैं जो अपने कार्यों के प्रति संजीदा नहीं थे।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। यह परिवर्तन तो हता रहता है। शासन का निर्देश था कि तीन वर्ष से जो बाबू एक ही पटल पर कार्य कर रहे हैं। उनके पटल में परिवर्तन किया जाए। इस निर्देश के क्रम में यह परिवर्तन किया गया है। शासन का यह भी निर्देश है कि किसी दागी को महत्वपूर्ण पटल पर न तैनात किया जाए।
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इनके बदले गए पटल
मुख्य चिकित्साधिकारी ने लेखा बजट का कार्य देख रहे गोपाल पाठक को सामान्य प्रशासन, गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए रामजतन मौर्य को सामान्य प्रशासन, सामान्य प्रशासन का कार्य देख रहे रमाशंकर यादव को लेखा एंव बजट अनुभाग, गाड़ियों का परिचालन देख रहे आनंद राय को लेखा और बजट, चिकित्सकों के स्थानांतरण का कार्य देखने वाले शत्रुघ्न यादव को अवस्थापना, पोलियो का कार्य देखने वाले अशोक यादव को अवस्थापना, चपरासी, वार्ड ब्वाय और स्वीपर का कार्य देख रहे विनोद सिंह को अवस्थापना, दिव्यांग, चिकित्सा, प्रतिपूर्ति आदि का कार्य देखने वाले मनोज यादव को अवस्थापना, जीपीएफ का कार्य देखने वाले प्रभात सिंह को अवस्थापना, नसबंदी का कार्य देख रहे शेख मुस्तफा को पंजीयन, डिस्पैच का कार्य देखने वाली अंजना सिंह को अवस्थापना, नई पोस्टिंग संतोष यादव को अवस्थापना, अंधता निवारण देख रहे सत्यपाल चौहान को अवस्थापना और गैर जनपद से ट्रांसफर होकर आए सुरेंद्र राम को एनएचएम का प्रभार सौंपा गया है।