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Ayodhya News: योगीराज ने साझा की बालकराम की अनदेखी तस्वीर
Sun, 25 Feb 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:30 PM IST
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मूर्तिकार योगी राज द्वारा अपने एक्स पर पोस्ट की गई तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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अयोध्या। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने से ठीक पहले रविवार को मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बालक राम की मूर्ति तराशते समय की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर साझा की है। योगीराज सोमवार को लखनऊ में द सेंट्रम होटल में राम के कृतित्व पर चर्चा करेंगे।
रामजन्मभूमि में भव्य मंदिर में विराजे बालक राम की मूर्ति गढ़ने वाले अरुण योगीराज लिखते हैं कि सभी बारीकियों को ध्यान में रखकर मूर्ति तराशते हुए आश्वस्त था कि हमारे संवेदनशील स्पर्श के जरिये रामलला को महसूस करने का अनुभव अलग होने वाला है। इस तस्वीर में अरुण योगीराज ने रामलला के चेहरे पर हाथ रखा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग अरुण योगीराज की पोस्ट की सराहना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि यू आर ग्रेट, बहुत सुंदर...। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि मूर्ति बहुत सुंदर है, रामलला की आंखें मोहित करती हैं। इसी तरह अन्य यूजर ने कमेंट दिए हैं।
इससे पहले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने 10 फरवरी को उस हथौड़े और छेनी की तस्वीर सार्वजनिक की थी, जिससे उन्होंने रामलला की आंखें तराशी थीं। योगीराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि इस चांदी के हथौड़े और सोने की छेनी से रामलला की दिव्य आंखें बनाईं। सोचा इसे सबके साथ साझा करूं।
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तीन मूर्तियों का हुआ था निर्माण
रामलला की मूर्ति के लिए अलग-अलग पत्थरों पर तीन मूर्तियों का निर्माण हुआ था। कर्नाटक के अरुण योगीराज, कर्नाटक के ही गणेश भट्ट व राजस्थान के मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने रामलला की 51 इंच की मूर्ति बनाई थी। रामचरित मानस में वर्णित रामलला के स्वरूप पर आधारित मूर्ति का निर्माण हुआ था। ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन किया था।
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रामजन्मभूमि में भव्य मंदिर में विराजे बालक राम की मूर्ति गढ़ने वाले अरुण योगीराज लिखते हैं कि सभी बारीकियों को ध्यान में रखकर मूर्ति तराशते हुए आश्वस्त था कि हमारे संवेदनशील स्पर्श के जरिये रामलला को महसूस करने का अनुभव अलग होने वाला है। इस तस्वीर में अरुण योगीराज ने रामलला के चेहरे पर हाथ रखा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग अरुण योगीराज की पोस्ट की सराहना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि यू आर ग्रेट, बहुत सुंदर...। एक अन्य यूजर ने लिखा है कि मूर्ति बहुत सुंदर है, रामलला की आंखें मोहित करती हैं। इसी तरह अन्य यूजर ने कमेंट दिए हैं।
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इससे पहले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने 10 फरवरी को उस हथौड़े और छेनी की तस्वीर सार्वजनिक की थी, जिससे उन्होंने रामलला की आंखें तराशी थीं। योगीराज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि इस चांदी के हथौड़े और सोने की छेनी से रामलला की दिव्य आंखें बनाईं। सोचा इसे सबके साथ साझा करूं।
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तीन मूर्तियों का हुआ था निर्माण
रामलला की मूर्ति के लिए अलग-अलग पत्थरों पर तीन मूर्तियों का निर्माण हुआ था। कर्नाटक के अरुण योगीराज, कर्नाटक के ही गणेश भट्ट व राजस्थान के मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने रामलला की 51 इंच की मूर्ति बनाई थी। रामचरित मानस में वर्णित रामलला के स्वरूप पर आधारित मूर्ति का निर्माण हुआ था। ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन किया था।