{"_id":"6aeb820f1b7652eb63037f18","slug":"vantangia-dance-will-be-a-highlight-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-162429-2026-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: मयूर और बम रसिया के साथ वनटांगिया नृत्य होगा आकर्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: मयूर और बम रसिया के साथ वनटांगिया नृत्य होगा आकर्षण
Thu, 05 Nov 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 05 Nov 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। दीपोत्सव में इस बार अयोध्या की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर देश की विविध लोक परंपराओं के रंग देखने को मिलेंगे। उत्तर प्रदेश के 16 जिलों सहित देशभर के कलाकार अपने पारंपरिक नृत्यों और लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव के जरिये भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं का संदेश दुनिया तक पहुंचेगा। प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रयागराज का ढेढ़िया, बांदा का पाई डंडा और सोनभद्र का मांदल-सिंघा नृत्य भी शामिल है। अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य प्रस्तुत करेंगे। गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया और झांसी का राई नृत्य भी अपनी झलक दिखाएगा।
दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के श्री खोल, ओडिशा के मास्क डांस और झारखंड का पुरुलिया छऊ आकर्षण का केंद्र होंगे। मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को लुभाएगा। राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया और आंध्र प्रदेश का बोनालू भी प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। इन प्रस्तुतियों से दर्शकों को देश की विविध लोक परंपराओं और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव के जरिये भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं का संदेश दुनिया तक पहुंचेगा। प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रयागराज का ढेढ़िया, बांदा का पाई डंडा और सोनभद्र का मांदल-सिंघा नृत्य भी शामिल है। अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य प्रस्तुत करेंगे। गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया और झांसी का राई नृत्य भी अपनी झलक दिखाएगा।
विज्ञापन
दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के श्री खोल, ओडिशा के मास्क डांस और झारखंड का पुरुलिया छऊ आकर्षण का केंद्र होंगे। मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को लुभाएगा। राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया और आंध्र प्रदेश का बोनालू भी प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। इन प्रस्तुतियों से दर्शकों को देश की विविध लोक परंपराओं और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन