{"_id":"68e92ee3d4d0c53c4e04b035","slug":"vaidehi-vallabh-devacharya-reached-ayodhya-and-visited-ram-lalla-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1421878-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहुंचे अयोध्या, किए रामलला के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहुंचे अयोध्या, किए रामलला के दर्शन
Fri, 10 Oct 2025 09:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 10 Oct 2025 09:35 PM IST
विज्ञापन
18- हनुमानगढ़ी में पत्रकारों से बातचीत करते स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य व अन्य संत-महंत- संवाद
अयोध्या। जगदगुरु रामानंदाचार्य के पद पर प्रतिष्ठित गुजरात के पोरबंदर स्थित पश्चिम पीठ शेषमठ बागोद सिगड़ा और कौशलेंद्र मठ, अहमदाबाद के पीठाधीश्वर स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहली बार अयोध्या आए। उन्होंने सबसे पहले रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मां सरयू का पूजन-अर्चन किया।
हनुमानगढ़ी की सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास के आश्रम पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य ने कहा कि जगदगुरु रामानंदाचार्य पद पर आसीन होने के बाद यह उनकी पहली अयोध्या यात्रा है। बताया कि प्रयागराज कुंभ के अवसर पर तीनों अनी अखाड़ों, चार संप्रदायों, सात प्रमुख खालसा और कई अखाड़ों-मठों के संत-महंतों और जगदगुरुओं की सहमति से उन्हें जगदगुरु रामानंदाचार्य के रिक्त पद पर प्रतिष्ठित किया गया। अयोध्या आगमन पर विभिन्न मठ-मंदिरों के महंतों व धर्माचार्यों ने उनका स्वागत किया। सम्मान, पधरावनी और पादुका पूजन का आयोजन हुआ।
निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत मुरली दास ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में जगदगुरु पद पर आसीन करने के बाद स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहली बार अयोध्या आए हैं। संत समाज ने उनका स्वागत कर संप्रदाय की परंपरा को और अधिक मजबूती दी है। हनुमानगढ़ी की सागरिया पट्टी के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने कहा कि स्वामी जी का जगदगुरु बनना रामानंद संप्रदाय के लिए गौरव का विषय है। रामानंद संप्रदाय की यह शाखा सदियों से धर्म और समाज की सेवा करती रही है। अब जगदगुरु पद पर प्रतिष्ठित होने से इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ी है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य प्राचार्य डॉ. महेश दास, महंत अवधेश दास, निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव महंत सत्यदेव दास, महंत हेमंत दास, अभिषेक दास, पहलवान मनीराम दास, पुजारी राजन दास, राम आशीष दास व शिवम श्रीवास्तव सहित अन्य संत-महंत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
हनुमानगढ़ी की सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास के आश्रम पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य ने कहा कि जगदगुरु रामानंदाचार्य पद पर आसीन होने के बाद यह उनकी पहली अयोध्या यात्रा है। बताया कि प्रयागराज कुंभ के अवसर पर तीनों अनी अखाड़ों, चार संप्रदायों, सात प्रमुख खालसा और कई अखाड़ों-मठों के संत-महंतों और जगदगुरुओं की सहमति से उन्हें जगदगुरु रामानंदाचार्य के रिक्त पद पर प्रतिष्ठित किया गया। अयोध्या आगमन पर विभिन्न मठ-मंदिरों के महंतों व धर्माचार्यों ने उनका स्वागत किया। सम्मान, पधरावनी और पादुका पूजन का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत मुरली दास ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में जगदगुरु पद पर आसीन करने के बाद स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य पहली बार अयोध्या आए हैं। संत समाज ने उनका स्वागत कर संप्रदाय की परंपरा को और अधिक मजबूती दी है। हनुमानगढ़ी की सागरिया पट्टी के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने कहा कि स्वामी जी का जगदगुरु बनना रामानंद संप्रदाय के लिए गौरव का विषय है। रामानंद संप्रदाय की यह शाखा सदियों से धर्म और समाज की सेवा करती रही है। अब जगदगुरु पद पर प्रतिष्ठित होने से इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ी है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज के शिष्य प्राचार्य डॉ. महेश दास, महंत अवधेश दास, निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव महंत सत्यदेव दास, महंत हेमंत दास, अभिषेक दास, पहलवान मनीराम दास, पुजारी राजन दास, राम आशीष दास व शिवम श्रीवास्तव सहित अन्य संत-महंत और श्रद्धालु मौजूद रहे।