फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The road has not been built even after two years

Ayodhya News: दो साल बाद भी तीन किमी सड़क नहीं बना पाई संस्था

Sat, 31 Oct 2026 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sat, 31 Oct 2026 10:54 PM IST
विज्ञापन
The road has not been built even after two years
अयोध्या। शहर की सड़कों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बेहतर आवागमन का सपना दिखाने वाली मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी सीएम-ग्रिड योजना निर्माण की धीमी रफ्तार में उलझकर रह गई है। 43.52 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्रमुख मार्गों का कायाकल्प किया जाना है, लेकिन दो साल बाद भी करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़कों का काम पूरा नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसी मेसर्स प्रिया कंस्ट्रक्शन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, लगातार निरीक्षण के बावजूद काम में तेजी नहीं आने से नगर निगम की निगरानी व्यवस्था भी कठघरे में है।
विज्ञापन

परियोजना के तहत शहर के तीन महत्वपूर्ण मार्गों को विकसित किया जाना है। इनमें अटल नगर वार्ड में चुंगी चौराहे से टीवी टावर तक का मार्ग, सैनिक कल्याण भवन से जिला पंचायत कार्यालय होते हुए स्टेट बैंक तिराहा और एसएसपी आवास तक का मार्ग तथा डीएम कार्यालय से मोदहा क्रॉसिंग तक का मार्ग शामिल है। तीनों सड़कों की कुल लंबाई 3.097 किलोमीटर है।
विज्ञापन

योजना के तहत सड़कों को चौड़ा और मजबूत करने के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाना था। इसमें फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट, स्ट्रीट लाइट, भूमिगत बिजली लाइनें, एचडीपीई डक्ट और पानी की लाइन से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने से शहरवासियों को सुगम आवागमन के साथ व्यवस्थित शहरी ढांचे का लाभ मिलना था, लेकिन निर्माण में देरी के कारण योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परियोजना का काम 10 अक्तूबर 2024 को शुरू हुआ था। इसे नौ अक्तूबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यानी निर्माण एजेंसी को एक साल में काम पूरा करना था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी परियोजना अधूरी है।

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को समय पर धरातल पर उतारने के बजाय निर्माण एजेंसी और निगरानी तंत्र की सुस्ती ने इसे सवालों के घेरे में ला दिया है। अब देखना यह है कि नगर निगम जिम्मेदारी तय कर निर्माण में तेजी लाने के लिए ठोस कार्रवाई करता है या निरीक्षण और आश्वासनों का सिलसिला ही जारी रहता है।


निर्माण कार्य चल रहा है। नगर-निगम की टीम समय-समय पर निगरानी कर रही है। दिसंबर तक इसे पूरा कर लिया लाएगा।
- पुनीत ओझा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed