{"_id":"6a932390adc05093ef0431e8","slug":"the-logo-of-the-shri-ram-janmabhoomi-teerth-kshetra-has-appeared-on-the-hutatma-smarak-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-157492-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: हुतात्मा स्मारक पर उभरा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: हुतात्मा स्मारक पर उभरा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो
Sat, 29 Aug 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
शिखर पर स्थापित किया जा रहा लोगो
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में पांच सौ वर्षों के संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को संजोने के लिए बनाए जा रहे हुतात्मा स्मारक स्तंभ का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से मंदिर परिसर में निर्माणाधीन इस स्मारक पर अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो भी स्थापित कर दिया गया है। इससे स्मारक की पहचान और स्वरूप और अधिक स्पष्ट हो गया है।
11 मीटर ऊंचे हुतात्मा स्मारक का निर्माण पूरा हो गया है। रामजन्मभूमि परिसर में सप्तर्षि मंदिर के पास निर्मित स्मारक के बाहरी हिस्से पर झांसी के प्रसिद्ध रेड ग्रेनाइट पत्थरों की सज्जा की गई्र, जिससे इसे भव्य और आकर्षक स्वरूप मिल गया है। यह स्मारक राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले कारसेवकों और 500 वर्षों तक चले संघर्ष की स्मृतियों को समर्पित होगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार यह केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि आस्था, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बनेगा। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि हुतात्मा स्मारक विशेष रूप से 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों की याद में तैयार किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु आंदोलन के इतिहास, संघर्ष और बलिदान की गाथा को स्मरण कर सकेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
11 मीटर ऊंचे हुतात्मा स्मारक का निर्माण पूरा हो गया है। रामजन्मभूमि परिसर में सप्तर्षि मंदिर के पास निर्मित स्मारक के बाहरी हिस्से पर झांसी के प्रसिद्ध रेड ग्रेनाइट पत्थरों की सज्जा की गई्र, जिससे इसे भव्य और आकर्षक स्वरूप मिल गया है। यह स्मारक राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले कारसेवकों और 500 वर्षों तक चले संघर्ष की स्मृतियों को समर्पित होगा।
विज्ञापन
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार यह केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि आस्था, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बनेगा। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि हुतात्मा स्मारक विशेष रूप से 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों की याद में तैयार किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु आंदोलन के इतिहास, संघर्ष और बलिदान की गाथा को स्मरण कर सकेंगे। संवाद
विज्ञापन