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Ayodhya News: संकट कटै मिटै सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बलबीरा...
Fri, 24 Oct 2025 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 24 Oct 2025 10:59 PM IST
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05- हनुमान किला में छठ महोत्सव पर सजा बजरंग बली का दरबार- संवाद
अयोध्या। मठ-मंदिरों में शुक्रवार को भव्यता के संग हनुमंतलला का छठी महोत्सव मनाया गया। मंदिरों में सुबह से ही कहीं हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का संगीतमय पाठ तो कहीं संकट कटै मिटै सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बलबीरा... आदि चौपाई भक्तों को आनंदित कर रही थी। इस दौरान श्रीराम व किशोरी जी सहित हनुमंतलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर श्रद्धा अर्पित की गई।
हनुमान किला में भी छठी महोत्सव पर विविध आयोजन हुए। मंदिर के महंत राम किशोर दास ने बताया कि सुबह मंदिर में विराजमान हनुमानजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। दोपहर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर आरती उतारी गई। जेवनार गायन में भजनों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। छठी महोत्सव में महंत कमल नयन दास, विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत करुणानिधान शरण, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण समेत बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्यों की मौजूदगी रही।
रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास के संयोजन में विभिन्न अनुष्ठान हुए। हनुमान जी को पंचामृत व इत्र से स्नान कराया गया। फिर आभूषणों से साज-सज्जा की गई। इसके बाद 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर आस्था अर्पित की गई। महाआरती में भक्तों का रेला उमड़ा। हनुमानगढ़ी, हनुमत निवास, हनुमत सदन सहित अन्य मंदिरों में भी छठी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ।
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हनुमान किला में भी छठी महोत्सव पर विविध आयोजन हुए। मंदिर के महंत राम किशोर दास ने बताया कि सुबह मंदिर में विराजमान हनुमानजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। दोपहर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर आरती उतारी गई। जेवनार गायन में भजनों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। छठी महोत्सव में महंत कमल नयन दास, विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, अधिकारी राजकुमार दास, महंत मैथिलीरमण शरण, महंत करुणानिधान शरण, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण समेत बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्यों की मौजूदगी रही।
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रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास के संयोजन में विभिन्न अनुष्ठान हुए। हनुमान जी को पंचामृत व इत्र से स्नान कराया गया। फिर आभूषणों से साज-सज्जा की गई। इसके बाद 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर आस्था अर्पित की गई। महाआरती में भक्तों का रेला उमड़ा। हनुमानगढ़ी, हनुमत निवास, हनुमत सदन सहित अन्य मंदिरों में भी छठी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ।
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