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Ayodhya News: मोदी और अमित शाह के विरोध में नारेबाजी, चक्का जाम की चेतावनी
Wed, 28 Jan 2026 09:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 28 Jan 2026 09:33 PM IST
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7-प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते चाणक्य परिषद के जिला अध्यक्ष सत्यदेव मिश्रा।-संवाद
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अयोध्या। यूजीसी के नए कानून के खिलाफ अखिल भारतीय चाणक्य परिषद का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के जिला अध्यक्ष सत्यदेव मिश्रा ने यूजीसी को काला कानून बताया। यदि शीघ्र कानून में बदलाव नहीं हुआ तो एक फरवरी को दर्शन नगर स्थित मंगल पांडेय चौराहा से चक्काजाम कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
कानून में बदलाव न होने पर आगामी चुनाव में सवर्णों से नोटा का बटन दबाने की भी अपील किया। परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक रामानुज तिवारी ने यूजीसी बिल को एकतरफा बताते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा में समान अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल में सवर्ण समाज का कहीं उल्लेख नहीं है और न ही सुनवाई समितियों में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। यूजीसी बिल में संशोधन आवश्यक है। और ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य समाज को एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। जरूरत पड़ी तो भाजपा के विरोध में मतदान का संकल्प भी लिया जाएगा। राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य राधेश्याम मिश्रा ने कहा कि इस कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। नए यूजीसी कानून के तहत सवर्ण समाज को अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है।
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कानून में बदलाव न होने पर आगामी चुनाव में सवर्णों से नोटा का बटन दबाने की भी अपील किया। परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक रामानुज तिवारी ने यूजीसी बिल को एकतरफा बताते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा में समान अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल में सवर्ण समाज का कहीं उल्लेख नहीं है और न ही सुनवाई समितियों में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। यूजीसी बिल में संशोधन आवश्यक है। और ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य समाज को एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। जरूरत पड़ी तो भाजपा के विरोध में मतदान का संकल्प भी लिया जाएगा। राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य राधेश्याम मिश्रा ने कहा कि इस कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। नए यूजीसी कानून के तहत सवर्ण समाज को अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है।
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