{"_id":"6a6387047c3ba796dd0c423f","slug":"saryu-river-water-level-rises-crops-at-risk-ayodhya-news-c-97-1-ayo1045-154602-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा, फसलों पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा, फसलों पर संकट
Fri, 24 Jul 2026 09:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:08 PM IST
विज्ञापन
विकराल हो रही सरयू नदी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुजागंज/रुदौली। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार दोपहर नदी का जलस्तर बढ़कर 92.390 मीटर पहुंच गया, जिससे तटीय गांवों में फसलें डूबने के कगार पर हैं तथा बाढ़ की आशंका गहरा गई है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर राजस्व टीमों को अलर्ट कर दिया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर जलस्तर 92.230 मीटर था, जो शुक्रवार दोपहर बढ़कर 92.390 मीटर हो गया। तहसील क्षेत्र के कैथी, पटरंगा मांझा, महंगू का पुरवा और कैथी मांझा समेत सरयू किनारे बसे गांवों में लेखपाल और कानूनगो निगरानी कर रहे हैं। बीडीओ को बाढ़ चौकियों पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैथी निवासी सुमित ने बताया कि पटरंगा मांझा क्षेत्र में खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। प्रशासन नावों की तैनाती की बात कह रहा है, लेकिन गांव के आसपास अभी तक कोई नाव दिखाई नहीं दे रही है। तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
ग्रामीणों को दुश्वारियों का सताने लगा भय
नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब एक दर्जन गांवों के 540 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीणों में दुश्वारियों का भय है। महंगू का पुरवा के 140 परिवार, कैथी मांझा के 85 और सल्लाहपुर के 185 परिवार बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। कैथी मांझा के ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन नाव है। यहां के शिव कुमार ने बताया कि बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। मिट्टी के तेल की जरूरत है। बारिश के समय विषैले जानवरों से भी खतरा बना रहता है, जिस पर अभी तक प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर जलस्तर 92.230 मीटर था, जो शुक्रवार दोपहर बढ़कर 92.390 मीटर हो गया। तहसील क्षेत्र के कैथी, पटरंगा मांझा, महंगू का पुरवा और कैथी मांझा समेत सरयू किनारे बसे गांवों में लेखपाल और कानूनगो निगरानी कर रहे हैं। बीडीओ को बाढ़ चौकियों पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैथी निवासी सुमित ने बताया कि पटरंगा मांझा क्षेत्र में खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। प्रशासन नावों की तैनाती की बात कह रहा है, लेकिन गांव के आसपास अभी तक कोई नाव दिखाई नहीं दे रही है। तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
विज्ञापन
ग्रामीणों को दुश्वारियों का सताने लगा भय
नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब एक दर्जन गांवों के 540 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीणों में दुश्वारियों का भय है। महंगू का पुरवा के 140 परिवार, कैथी मांझा के 85 और सल्लाहपुर के 185 परिवार बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। कैथी मांझा के ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन नाव है। यहां के शिव कुमार ने बताया कि बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। मिट्टी के तेल की जरूरत है। बारिश के समय विषैले जानवरों से भी खतरा बना रहता है, जिस पर अभी तक प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन