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Ayodhya News: हाथ में माला, स्क्रीन पर संसार, हाईटेक हुए संत
Wed, 03 Jun 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:56 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी की पहचान सदियों से साधना, भक्ति और वैराग्य की भूमि के रूप में रही है, लेकिन बदलते समय के साथ यहां के संतों का स्वरूप भी आधुनिकता के रंग में दिखाई देने लगा है। उनके हाथ में जपमाला निरंतर चलती रहती है। साथ ही उनकी उंगलियों की रफ्तार लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन की स्क्रीन पर भी तेजी से दौड़ती नजर आती है।
राम मंदिर निर्माण के बाद देश-दुनिया की नजरें अयोध्या पर टिकी हैं। ऐसे में यहां के संत-महंत भी समय के साथ कदमताल करते हुए आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। अधिकांश संत आईफोन और अत्याधुनिक स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई संतों के पास टैबलेट और लैपटॉप भी हैं, जिनका प्रयोग वे धार्मिक अध्ययन, प्रवचन की तैयारी और भक्तों से संवाद के लिए करते हैं।
धार्मिक परंपराओं के प्रति पूरी निष्ठा रखने वाले संत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं। पहले जहां भक्तों को किसी संत के दर्शन और मार्गदर्शन के लिए आश्रम तक पहुंचना पड़ता था, वहीं अब मोबाइल स्क्रीन पर ही प्रवचन और सत्संग उपलब्ध हो जाते हैं। धार्मिक आयोजनों का सीधा प्रसारण भी अब सामान्य बात हो गई है।
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कई संत सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रवचन, धार्मिक संदेश और आध्यात्मिक विचार देश-विदेश तक पहुंचा रहे हैं। यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों के जरिये लाखों श्रद्धालु उनसे जुड़े हुए हैं। जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य, महंत डॉक्टर रामानंद दास, महंत संजय दास, अर्जुनदेवाचार्य कृपालु रामभूषण दास के सोशल मीडिया पर हजारों फालोवर्स हैं।
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राम मंदिर निर्माण के बाद देश-दुनिया की नजरें अयोध्या पर टिकी हैं। ऐसे में यहां के संत-महंत भी समय के साथ कदमताल करते हुए आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। अधिकांश संत आईफोन और अत्याधुनिक स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई संतों के पास टैबलेट और लैपटॉप भी हैं, जिनका प्रयोग वे धार्मिक अध्ययन, प्रवचन की तैयारी और भक्तों से संवाद के लिए करते हैं।
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धार्मिक परंपराओं के प्रति पूरी निष्ठा रखने वाले संत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं। पहले जहां भक्तों को किसी संत के दर्शन और मार्गदर्शन के लिए आश्रम तक पहुंचना पड़ता था, वहीं अब मोबाइल स्क्रीन पर ही प्रवचन और सत्संग उपलब्ध हो जाते हैं। धार्मिक आयोजनों का सीधा प्रसारण भी अब सामान्य बात हो गई है।
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कई संत सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रवचन, धार्मिक संदेश और आध्यात्मिक विचार देश-विदेश तक पहुंचा रहे हैं। यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों के जरिये लाखों श्रद्धालु उनसे जुड़े हुए हैं। जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य, महंत डॉक्टर रामानंद दास, महंत संजय दास, अर्जुनदेवाचार्य कृपालु रामभूषण दास के सोशल मीडिया पर हजारों फालोवर्स हैं।

निरीक्षण के दौरान डाटा की जानकारी लेती डीसी अपराजिता।- फोटो : अमर उजाला

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