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Ayodhya News: रामनगरी को मिलेगा एनएसजी का सुरक्षा कवच

Thu, 17 Sep 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 17 Sep 2026 12:17 AM IST
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Ramnagari to get NSG security cover
मिल्कीपुर। राम मंदिर के बाद देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद और विशिष्ट अतिथियों के लगातार आवागमन के बीच रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) का रीजनल हब स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में हब के लिए चिह्नित करीब 26 हेक्टेयर भूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
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प्रस्तावित हब मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखां गांव में गोमती नदी के तट पर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित होगा। राजस्व अभिलेखों में भूमि बंजर खाते में दर्ज है। गाटा संख्या 429 मि. में करीब 26 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। प्रदेश सरकार के गृह विभाग की ओर से भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव रखा गया था।
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गंभीर सुरक्षा चुनौती में घटेगा प्रतिक्रिया समय
एनएसजी रीजनल हब की स्थापना से अयोध्या में विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो और अत्याधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता के लिए स्थायी आधार तैयार होगा। किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में विशेष बल की त्वरित तैनाती और कार्रवाई को इससे मदद मिल सकती है।
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एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल तक पहुंच
हब के लिए चुनी गई जमीन की एक बड़ी विशेषता इसकी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से निकटता है। एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होने के कारण जरूरत पड़ने पर अयोध्या के अलावा पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों तक सड़क मार्ग से त्वरित आवाजाही का आधार तैयार हो सकता है। इस लिहाज से प्रस्तावित स्थल को क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


गोमती पार जमीन, हर मौसम की कनेक्टिविटी चुनौती
प्रस्तावित स्थल की भौगोलिक स्थिति हालांकि चुनौती भी खड़ी करती है। जमीन गोमती नदी के पार है और बरसात में यहां पहुंच प्रभावित होती है। नदी पार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला पीपा पुल 25 जून को खोल दिया जाता है। इसके बाद बारिश और बाढ़ के दौरान करीब चार महीने तक क्षेत्र सामान्य आवागमन से कट जाता है। बाढ़ का असर कम होने पर अक्तूबर में पीपा पुल फिर लगाया जाता है। एनएसजी जैसे विशेष सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए हर मौसम में निर्बाध आवाजाही जरूरी होगी। इसलिए हब के निर्माण के साथ स्थायी सड़क या अन्य सुरक्षित संपर्क व्यवस्था विकसित करना भी अहम होगा। संवाद
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