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राम मंदिर चंदा विवाद: टिन्नू की तिकड़ी खोल सकती है राज, पकड़े गए कर्मी मात्र मोहरा; पर्दे के पीछे बड़े खिलाड़ी
Mon, 15 Jun 2026 07:46 AM IST
रोहित मिश्र
सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 15 Jun 2026 07:46 AM IST
सार
Ram Mandir dispute: राम मंदिर चंदा विवाद में अब तक पांच कर्मचारी पकड़े गए हैं। यह सभी महज मोहरा हो सकते हैं। इस मामले में कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं।
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राम मंदिर चंदा विवाद में बड़े खुलासे।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
श्रीराम मंदिर की चंदे की राशि में हेरफेर कर गबन करने मामले में रोजाना बड़े खुलासे हो रहे हैं। टिन्नू लगातार चर्चा में है। दरअसल टिन्नू की तिकड़ी और एक पदाधिकारी के भतीजे की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। अंदेशा है कि हेरफेर के पीछे इनका सीधे कोई न कोई कनेक्शन है। टिन्नू की तिकड़ी में वह खुद, उसका बेटा और भतीजा शामिल है। भतीजा पहले दिन ही पकड़ा गया था, उससे पूछताछ जारी है।
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मामले में अब तक पांच संदिग्ध पकड़े गए हैं। उनके पास से चोरी की राशि भी बरामद हो रही है। अब तक करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। उनसे लगातार पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक टिन्नू के बेटे का भी कुछ कनेक्शन है। वहीं, ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के भतीजे की भी भूमिका रही है। अंदेशा है कि इनकी शह व इशारे पर अन्य लोग इस करतूत को अंजाम दे रहे थे। इसको लेकर कई अहम सुराग मिले हैं और चर्चा भी आम है। हालांकि अब एसआईटी की जांच शुरू हो चुकी है। जांच पूरी होने पर एक-एक तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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कुछ महीने पहले हटाया गया
सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के पदाधिकारी अपनों से ज्यादा टिन्नू पर भरोसा करते हैं। तिकड़ी ने पहले उनके भतीजे को इसमें शामिल किया, फिर खुद का अधिक फायदा देखकर उसको किनारे करवा दिया। इसके लिए टिन्नू ने पदाधिकारी से उनके भतीजे की शिकायत की थी। इस पर उसको हटाया गया है। वर्तमान में मंदिर के चढ़ावे आदि का पूरा काम सिर्फ तिकड़ी के पास था।
कहां तक जुड़े हैं तार...अभी स्पष्ट नहीं
मामले में ये तिकड़ी और नीचे जो कर्मी चढ़ावे की रकम पार कर रहे थे, इन सभी का कहां और किन लोगों के साथ कनेक्शन है, अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। जब ये स्पष्ट हो जाएगा, तब पता चल जाएगा कि हेरफेर में कौन-कौन लोग शामिल थे। किन लोगों की शह थी और कौन साजिशकर्ता थे।
35-40 लोगों को काम पर रखवाया
राम मंदिर अयोध्या।
- फोटो : amar ujala
टिन्नू व उसके रिश्तेदारों ने ट्रस्ट में करीब 35 से 40 लोगों को काम पर रखवाया है। चूंकि टिन्नू के पास ट्रस्ट का पूरा काम रहता था। एक तरह से वह पूरी पॉवर में है। इसलिए वह जिसको चाहता, उसी को काम पर लगावाता था। चूंकि इनके जरिये इन सभी को नौकरी मिली है लिहाजा उनके इशारे पर हर काम करने को ये सभी तैयार रहते हैं।