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Ayodhya News: एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने की पंचकोसी की परिक्रमा
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पंचकोसी परिक्रमा करते श्रद्धालु।
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अयोध्या। एकादशी के पावन अवसर पर रविवार को अयोध्या में आयोजित पंचकोसी परिक्रमा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और पूरा वातावरण राम नाम के जयघोष से गूंज उठा। आस-पास के जिलों के साथ-साथ बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और पंचकोसी परिक्रमा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा करते हुए भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
गौरतलब है कि अयोध्या में 20 मार्च से चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शनिवार को विधिवत समापन हुआ था। इस महायज्ञ में भी विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की थी। महायज्ञ के समापन के अगले ही दिन यानी रविवार को एकादशी पर आयोजित परिक्रमा में भी उसी उत्साह और आस्था का प्रवाह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही परिक्रमा शुरू कर दी। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी ने एकादशी व्रत और पंचकोसी परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी व्रतों में एकादशी को श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नियमित रूप से एकादशी व्रत करता है, उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
उन्होंने यह भी बताया कि एकादशी के दिन तीर्थ की परिक्रमा करने से कई गुना फल मिलता है। अयोध्या में प्रत्येक एकादशी को पंचकोसी परिक्रमा की परंपरा है, यह परिक्रमा करने से पुण्य का उदय होता है और पापों का क्षय माना जाता है। इसी मान्यता के चलते हर एकादशी को रामनगरी में साधक साधु-संत व गृहस्थों के साथ श्रद्धालु भी पंचकोसी की परिक्रमा करते हैं।
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गौरतलब है कि अयोध्या में 20 मार्च से चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शनिवार को विधिवत समापन हुआ था। इस महायज्ञ में भी विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की थी। महायज्ञ के समापन के अगले ही दिन यानी रविवार को एकादशी पर आयोजित परिक्रमा में भी उसी उत्साह और आस्था का प्रवाह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही परिक्रमा शुरू कर दी। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी ने एकादशी व्रत और पंचकोसी परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी व्रतों में एकादशी को श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नियमित रूप से एकादशी व्रत करता है, उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
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उन्होंने यह भी बताया कि एकादशी के दिन तीर्थ की परिक्रमा करने से कई गुना फल मिलता है। अयोध्या में प्रत्येक एकादशी को पंचकोसी परिक्रमा की परंपरा है, यह परिक्रमा करने से पुण्य का उदय होता है और पापों का क्षय माना जाता है। इसी मान्यता के चलते हर एकादशी को रामनगरी में साधक साधु-संत व गृहस्थों के साथ श्रद्धालु भी पंचकोसी की परिक्रमा करते हैं।
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