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Ayodhya News: टेंडर पर सवाल उठाने के बाद हटा दिए गए थे नोडल अधिकारी

Fri, 13 Sep 2024 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 13 Sep 2024 01:29 AM IST
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Nodal officer was removed after raising questions on the tender
अयोध्या। 1.07 करोड़ रुपये के टेंडर में अर्ह बताई गई तीन फर्मों में समानता बताने वाले नोडल अधिकारी एसीएमओ आरसीएच का एक हफ्ते में ही हटा दिया गया था। जबकि, लगभग सात माह पहले ही उन्हें यह चार्ज मिला था। इस प्रक्रिया को भी अब टेंडरों के हेर-फेर के मामले से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
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सीएमओ कार्यालय में 1.07 करोड़ रुपये की बिड संख्या-4357963 20 दिसंबर, 2023 को खोली गई थी। इसमें 7,61,159 मात्रा की विभिन्न प्रकार की जांच किटों की आपूर्ति 15 दिन में करना था। इनमें हीमोग्लोबिन टेस्ट स्ट्रिप, यूरिन टेस्ट, मलेरिया रैपिड टेस्ट, डेंगू टेस्ट, सिफलिस, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, ब्लड शुगर स्ट्रिप समेत 28 सामान शामिल थे। इस बिड में 18 में से सात फर्मों के तकनीकी मूल्यांकन में योग्य होने की संभावना थी। कंप्यूटर ऑपरेटर ने तीन फर्मों को अर्ह दिखाया था।
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26 जून को एसीएमओ आरसीएच रहे डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने इन फर्मों में समानता होने व इन फर्मों के एक ही व्यक्ति से जुड़े होने की आशंका व्यक्त करते हुए टेंडर समिति की बैठक अविलंब कराने की मांग की। ऐसे में मनचाही फर्मों को काम नहीं मिल सका तो एसीएमओ को ही कोप का भाजन बनना पड़ा। टेंडर समिति की बैठक व निविदा प्रक्रिया पूरी होना तो दूर, तीन जुलाई को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल ही बदल दिए गए।
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एसीएमओ आरसीएच का नवंबर, 2023 से दायित्व संभाल रहे डॉ. पुष्पेंद्र कुमार से यह कार्य लेकर एसीएमओ प्रशासन डॉ. डीके शर्मा को दे दिया गया। आरोपों से बचने के लिए शेष सभी एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ के पूर्व में आवंटित कार्यों में भी थोड़ा-बहुत फेरबदल कर दिया गया। उस समय तो इसे सामान्य प्रक्रिया समझा गया, लेकिन अब सीएमओ कार्यालय पर लगे वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद इस प्रक्रिया को टेंडर में लगने वाले अड़ंगे से ही जोड़कर देखा जा रहा है।

दो लिपिकों को बना दिया गया सहायक, नहीं दिया गया पटल
17 अगस्त को सीएचसी मया बाजार के वरिष्ठ सहायक हनुमान सिंह व फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक शशिकांत तिवारी को एनएचएम अनुभाग में वरिष्ठ सहायक योगेंद्र नारायण तिवारी के सहयोग में सहायक बना दिया गया। उन्हें अलग से कोई पटल आवंटित नहीं किया गया। एक वरिष्ठ सहायक को दूसरे वरिष्ठ सहायक का सहयोगी बनाने का सीएमओ का यह आदेश भी चर्चा में है।


जांच कमेटी बुधवार को ही बनाई गई है। जांच टीम में शामिल सदस्यों को पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही मामले की जांच शुरू की जाएगी। इसके बाद ही इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है।
-डॉ. सुशील प्रकाश, अपर निदेशक, अयोध्या मंडल
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