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Ayodhya News: सरयू नदी में भैंस नहलाने गए नाना और नाती डूबे
Thu, 10 Sep 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:31 AM IST
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नदी में नाना व नाती को तलाशते गोताखोर।
शुजागंज। रुदौली क्षेत्र के पसैया गांव में बुधवार दोपहर सरयू नदी में भैंस नहलाने गए नाना और नाती गहरे पानी में डूब गए। नाती को डूबता देख उसे बचाने के लिए नदी में उतरे नाना भी तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गए। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने देर शाम तक करीब सात घंटे तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण अभियान रोक दिया गया। गुरुवार को दोबारा तलाश शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, पसैया मजरे सड़री निवासी जगराम (60) बुधवार दोपहर अपने 18 वर्षीय नाती शिवा के साथ सरयू नदी के किनारे भैंस नहलाने गए थे। इसी दौरान शिवा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। नाती को डूबता देख जगराम उसे बचाने के लिए नदी में उतर गए, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह भी पानी में समा गए। बंधे के पास गुमटी पर मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों नदी में लापता हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही रुदौली विधायक राम चन्द्र यादव, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर और तहसीलदार विजय गुप्ता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ प्रभारी सुखराम यादव ने बताया कि नदी में पानी अधिक है और बहाव भी तेज है। इससे तलाशी अभियान में लगातार दिक्कत आ रही है। अंधेरा होने के बाद सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। बृहस्पतिवार को फिर से अभियान चलाकर दोनों की तलाश की जाएगी।
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नौ साल पहले इसी जगह डूबा था जगराम का बेटा
ग्रामीणों के मुताबिक जगराम के परिवार पर यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। करीब नौ वर्ष पहले इसी स्थान पर उनका छोटा बेटा मंजीत भी सरयू में डूब गया था। उस हादसे का दर्द परिवार अभी भूल भी नहीं पाया था कि बुधवार को जगराम और उनका नाती शिवा नदी में डूब गए। शिवा पिछले कई महीनों से अपने ननिहाल में रह रहा था। उसका घर रुदौली के ईदगाह मोहल्ले में है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, पसैया मजरे सड़री निवासी जगराम (60) बुधवार दोपहर अपने 18 वर्षीय नाती शिवा के साथ सरयू नदी के किनारे भैंस नहलाने गए थे। इसी दौरान शिवा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। नाती को डूबता देख जगराम उसे बचाने के लिए नदी में उतर गए, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह भी पानी में समा गए। बंधे के पास गुमटी पर मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों नदी में लापता हो चुके थे।
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घटना की सूचना मिलते ही रुदौली विधायक राम चन्द्र यादव, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर और तहसीलदार विजय गुप्ता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ प्रभारी सुखराम यादव ने बताया कि नदी में पानी अधिक है और बहाव भी तेज है। इससे तलाशी अभियान में लगातार दिक्कत आ रही है। अंधेरा होने के बाद सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। बृहस्पतिवार को फिर से अभियान चलाकर दोनों की तलाश की जाएगी।
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नौ साल पहले इसी जगह डूबा था जगराम का बेटा
ग्रामीणों के मुताबिक जगराम के परिवार पर यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। करीब नौ वर्ष पहले इसी स्थान पर उनका छोटा बेटा मंजीत भी सरयू में डूब गया था। उस हादसे का दर्द परिवार अभी भूल भी नहीं पाया था कि बुधवार को जगराम और उनका नाती शिवा नदी में डूब गए। शिवा पिछले कई महीनों से अपने ननिहाल में रह रहा था। उसका घर रुदौली के ईदगाह मोहल्ले में है।