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Ayodhya News: मारपीट के मामले में दो को चार साल की कैद
Tue, 27 Feb 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 27 Feb 2024 11:16 PM IST
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अयोध्या। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी द्वितीय कुलदीप सिंह ने वर्ष 2013 में खंडासा थाना क्षेत्र में जमीन कब्जा करने के विवाद को लेकर महिलाओं पर हमला कर चोट पहुंचाने के मामले में शीतला प्रसाद व संतोष को चार-चार साल की सजा सुनाई है। वहीं दौरान मुकदमा एक अभियुक्त लल्लू सिंह की मृत्यु हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना खंडासा अंतर्गत बलदेव तिवारी का पुरवा में सावित्री की जमीन पर मोहारा खोलकर कब्जा करने का विवाद काफी दिनों से चल रहा था। इसी जमीन पर छह मार्च, 2013 को दिनदहाड़े शीतला प्रसाद, लल्लू व संतोष कब्जा करने गए थे। विरोध करने पर महिलाओं को मारा-पीटा, जिसमें रेखा, नीलम व लवली को गंभीर चोटें आईं। सावित्री की तहरीर पर थाना खंडासा में प्राणघातक हमला सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। विचारण के दौरान प्राण घातक हमला व गाली-गलौज करने के मामले में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
वादिनी पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद दुबे ने पैरवी की। गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध सबूत के आधार पर अभियुक्त शीतला प्रसाद व संतोष सिंह को दोषसिद्ध करते हुए मारपीट के मामले में एक वर्ष की सजा व 1,000 रुपये जुर्माना, शरीर में फ्रैक्चर करने के आरोप में तीन साल की सजा व 5,000 रुपये जुर्माना से दंडित किया। सभी सजायें साथ-साथ चलेंगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना खंडासा अंतर्गत बलदेव तिवारी का पुरवा में सावित्री की जमीन पर मोहारा खोलकर कब्जा करने का विवाद काफी दिनों से चल रहा था। इसी जमीन पर छह मार्च, 2013 को दिनदहाड़े शीतला प्रसाद, लल्लू व संतोष कब्जा करने गए थे। विरोध करने पर महिलाओं को मारा-पीटा, जिसमें रेखा, नीलम व लवली को गंभीर चोटें आईं। सावित्री की तहरीर पर थाना खंडासा में प्राणघातक हमला सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। विचारण के दौरान प्राण घातक हमला व गाली-गलौज करने के मामले में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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वादिनी पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद दुबे ने पैरवी की। गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध सबूत के आधार पर अभियुक्त शीतला प्रसाद व संतोष सिंह को दोषसिद्ध करते हुए मारपीट के मामले में एक वर्ष की सजा व 1,000 रुपये जुर्माना, शरीर में फ्रैक्चर करने के आरोप में तीन साल की सजा व 5,000 रुपये जुर्माना से दंडित किया। सभी सजायें साथ-साथ चलेंगी।
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