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Ayodhya News: अवध विवि में पहली बार अतिथि प्रवक्ता को महत्वपूर्ण दायित्व
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अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में पहली बार किसी अतिथि प्रवक्ता को मीडिया प्रभारी जैसा महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। शासन की ओर से नियुक्त नए परीक्षा नियंत्रक विनय सिंह के आने के बाद विश्वविद्यालय में कुछ और बड़े प्रशासनिक फेरबदल किए जा सकते हैं। इस समय ज्यादातर प्रशासनिक पद प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं।
प्रभारी कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देश पर प्रभारी कुलसचिव प्रो. एसएस मिश्र की ओर से सोमवार को एक कार्यालय आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय की खबरों व प्रेस विज्ञप्तियों को समाचार पत्रों को प्रेषित करने और विभिन्न मीडिया रिपोर्टरों से समन्वय स्थापित करने के लिए जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अतिथि प्रवक्ता डॉ. राज नारायण पांडेय को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया जाता है।
अतिथि प्रवक्ता को मीडिया प्रभारी बनाए जाने का फैसला सवालों के घेरे में आ गया है। जानकारों का कहना है कि अतिथि प्रवक्ता सिर्फ व्याख्यान के लिए नियुक्त किए जाते हैं। इसके लिए इन्हें प्रति व्याख्यान 800 रुपये का भुगतान किया जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इनसे प्रश्नपत्र सेट करने और मूल्यांकन करने तक का काम नहीं लिया जा सकता है। यह पूर्णकालिक पद नहीं होता है। सत्रांत या नई नियुक्ति होने तक ही इनका कार्यकाल होता है। ऐसे में किसी अतिथि प्रवक्ता को मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया जाना विधि सम्मत नहीं है।
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इस बीच विश्वविद्यालय में चर्चा है कि अभी तो यह बदलाव की शुरुआत है। जून के पहले सप्ताह में नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक विनय सिंह के कार्यभार संभालने के बाद अभी कई अन्य प्रशासनिक फेरबदल किए जा सकते हैं। इस समय परीक्षा नियंत्रक का प्रभार प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल संभाल रहे हैं। विनय सिंह इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में कुलसचिव पद पर तैनात हैं। वहां के कुलपति ने एक जून को बीएड प्रवेश परीक्षा के चलते उन्हें मुक्त नहीं किया है। इस परीक्षा को कराने के बाद वह जून के पहले सप्ताह में यहां आ सकते हैं।
विनय सिंह अवध विश्वविद्यालय में तत्कालीन कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के कार्यकाल में उप कुलसचिव रह चुके हैं। तब इन्हें यहां के कुलसचिव का चार्ज भी दे दिया गया था। कोविड काल में करीब दो वर्षों तक उन्होंने यह जिम्मेदारी बखूबी संभाली थी। यहीं से उन्हें बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाकर भेजा गया था। ऐसे में उनके आने के बाद परीक्षा नियंत्रक के साथ उन्हें कुलसचिव का प्रभार भी दिया जा सकता है। इस समय यह जिम्मेदारी प्रभारी के तौर पर विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एसएस मिश्र संभाल रहे हैं।
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प्रभारी कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देश पर प्रभारी कुलसचिव प्रो. एसएस मिश्र की ओर से सोमवार को एक कार्यालय आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय की खबरों व प्रेस विज्ञप्तियों को समाचार पत्रों को प्रेषित करने और विभिन्न मीडिया रिपोर्टरों से समन्वय स्थापित करने के लिए जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अतिथि प्रवक्ता डॉ. राज नारायण पांडेय को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया जाता है।
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अतिथि प्रवक्ता को मीडिया प्रभारी बनाए जाने का फैसला सवालों के घेरे में आ गया है। जानकारों का कहना है कि अतिथि प्रवक्ता सिर्फ व्याख्यान के लिए नियुक्त किए जाते हैं। इसके लिए इन्हें प्रति व्याख्यान 800 रुपये का भुगतान किया जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इनसे प्रश्नपत्र सेट करने और मूल्यांकन करने तक का काम नहीं लिया जा सकता है। यह पूर्णकालिक पद नहीं होता है। सत्रांत या नई नियुक्ति होने तक ही इनका कार्यकाल होता है। ऐसे में किसी अतिथि प्रवक्ता को मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया जाना विधि सम्मत नहीं है।
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इस बीच विश्वविद्यालय में चर्चा है कि अभी तो यह बदलाव की शुरुआत है। जून के पहले सप्ताह में नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक विनय सिंह के कार्यभार संभालने के बाद अभी कई अन्य प्रशासनिक फेरबदल किए जा सकते हैं। इस समय परीक्षा नियंत्रक का प्रभार प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल संभाल रहे हैं। विनय सिंह इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में कुलसचिव पद पर तैनात हैं। वहां के कुलपति ने एक जून को बीएड प्रवेश परीक्षा के चलते उन्हें मुक्त नहीं किया है। इस परीक्षा को कराने के बाद वह जून के पहले सप्ताह में यहां आ सकते हैं।
विनय सिंह अवध विश्वविद्यालय में तत्कालीन कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के कार्यकाल में उप कुलसचिव रह चुके हैं। तब इन्हें यहां के कुलसचिव का चार्ज भी दे दिया गया था। कोविड काल में करीब दो वर्षों तक उन्होंने यह जिम्मेदारी बखूबी संभाली थी। यहीं से उन्हें बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाकर भेजा गया था। ऐसे में उनके आने के बाद परीक्षा नियंत्रक के साथ उन्हें कुलसचिव का प्रभार भी दिया जा सकता है। इस समय यह जिम्मेदारी प्रभारी के तौर पर विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एसएस मिश्र संभाल रहे हैं।