{"_id":"6a9ef2e1fe5d1be4a10119fd","slug":"flood-victims-eating-only-one-meal-a-day-ayodhya-news-c-97-1-lu11030-158138-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: एक समय ही भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: एक समय ही भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ित
Mon, 07 Sep 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 07 Sep 2026 10:52 PM IST
विज्ञापन
बाढ़ के पानी में जल रहा चूल्हा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुदौली/शुजागंज। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रुदौली क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। सोमवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 93.04 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। लगातार बढ़ते पानी से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई गांवों में खेत, रास्ते और घरों के आसपास पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के सामने भोजन और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। हालात यह हैं कि कई परिवारों को एक समय का ही भोजन नसीब हो रहा है।
शुजागंज क्षेत्र में सरयू का पानी पटरंगा माझा, कैथी मांझा और मरौचा माझा समेत कई गांवों में घुस गया है। पानी बढ़ने के साथ ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अब एक समय का ही भोजन मिल पा रहा है।
पटरंगा माझा निवासी दुधाई और ननकू ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के बावजूद अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। कैथी माझा के ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी भर जाने से परिवार के सदस्यों के साथ घरेलू सामान और पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
चारे का भी खड़ा हुआ संकट
बाढ़ का असर किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। खेतों और आसपास के इलाकों में पानी भरने से हरा चारा जुटाना मुश्किल हो गया है। पशुपालकों को आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पशुओं के लिए चारे का संकट और गंभीर हो जाएगा। कई ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती भी बनी हुई है। महगू का पुरवा, सराय नासिर, मुजेहना, कैथी और अब्बूपुर समेत अन्य गांव भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांवों तक पहुंचने वाले रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। इससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है।
लगातार निगरानी के निर्देश
एसडीएम विनोद गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र के सभी लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
शुजागंज क्षेत्र में सरयू का पानी पटरंगा माझा, कैथी मांझा और मरौचा माझा समेत कई गांवों में घुस गया है। पानी बढ़ने के साथ ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अब एक समय का ही भोजन मिल पा रहा है।
विज्ञापन
पटरंगा माझा निवासी दुधाई और ननकू ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के बावजूद अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। कैथी माझा के ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी भर जाने से परिवार के सदस्यों के साथ घरेलू सामान और पशुओं को सुरक्षित रखने की चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
चारे का भी खड़ा हुआ संकट
बाढ़ का असर किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। खेतों और आसपास के इलाकों में पानी भरने से हरा चारा जुटाना मुश्किल हो गया है। पशुपालकों को आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पशुओं के लिए चारे का संकट और गंभीर हो जाएगा। कई ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती भी बनी हुई है। महगू का पुरवा, सराय नासिर, मुजेहना, कैथी और अब्बूपुर समेत अन्य गांव भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांवों तक पहुंचने वाले रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। इससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है।
लगातार निगरानी के निर्देश
एसडीएम विनोद गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र के सभी लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बाढ़ के पानी में जल रहा चूल्हा