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कम पानी में अधिक पैदावार का मॉडल करें विकसित : शाही
Fri, 10 Oct 2025 09:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 10 Oct 2025 09:26 PM IST
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16- कृषि विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस समारोह में मौजूद कृषि मंत्री व अन्य अतिथि
कुमारगंज। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश में पानी की कमी है। खेती का ऐसा मॉडल विकसित करना होगा, जिससे कम पानी में अधिक पैदावार हो सके। जलवायु परिवर्तन हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। कृषि वैज्ञानिकों को इसे ध्यान में रखकर काम करने की जरूरत है।
कृषि मंत्री आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने जल भरो कार्यक्रम के साथ किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में विवि ने किसानों के हितों, समर्पण, शिक्षा, शोध व नवाचारों में मुख्य भूमिका निभाते हुए एक लंबी यात्रा तय की है। विवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में यहां के कुलपति के नेतृत्व में छात्रों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मंत्री ने कहा कि यह देश का पहला कृषि विवि है, जिसने नैक में उच्च ग्रेड हासिल किया है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए कृषि में एक नई पहचान बनाने के लिए काम करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2029 तक प्रदेश की इकोनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने में कृषि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क 2025 में शामिल होने वाला राज्य का एकमात्र कृषि विवि है। 17 नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। विवि में नौ देशों के विदेशी छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष विवि को प्राकृतिक खेती का नोडल सेंटर बनाया गया है।
प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. आरके सिंह ने कहा कि चावल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने जो प्रगति की है, उसकी पहचान पूरे देश में है। पूर्वांचल के किसानों की समृद्धि और उन्हें सशक्त बनाने में कृषि विवि अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वैज्ञानिकों को शोध और नवाचार पर काम करना होगा। उपकार के महानिदेशक डाॅ. संजय सिंह ने कहा कि स्थापना के बाद 1987 से इस विवि में एक नई क्रांति आई। 2005 से लेकर 2020 तक विवि के प्रगति की रफ्तार धीमी रही। 2020 के बाद विश्वविद्यालय के स्वरूप में तेजी के साथ बदलाव आया है। उपकार की ओर से सभी कृषि विश्वविद्यालयों को करोड़ों रुपये की परियोजनाएं दी गईं हैं, जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण, कई पुस्तिकाओं का हुआ विमोचन
विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि विवि के वैज्ञानिकों ने अलग पहचान के लिए कड़ा परिश्रम किया है। विधायक चंद्रभानु पासवान ने कहा कि पूर्वांचल के किसानों को सशक्त बनाने में कृषि विवि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मंत्री ने विवि में नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। अतिथियों ने कई पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, वित्त नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके पाठक, कृषि अधिष्ठाता डाॅ. डीके सिंह, डॉ. सीताराम मिश्र, शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी व छात्र-छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक, वैज्ञानिक और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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कृषि मंत्री आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने जल भरो कार्यक्रम के साथ किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में विवि ने किसानों के हितों, समर्पण, शिक्षा, शोध व नवाचारों में मुख्य भूमिका निभाते हुए एक लंबी यात्रा तय की है। विवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में यहां के कुलपति के नेतृत्व में छात्रों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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मंत्री ने कहा कि यह देश का पहला कृषि विवि है, जिसने नैक में उच्च ग्रेड हासिल किया है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए कृषि में एक नई पहचान बनाने के लिए काम करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2029 तक प्रदेश की इकोनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने में कृषि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क 2025 में शामिल होने वाला राज्य का एकमात्र कृषि विवि है। 17 नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। विवि में नौ देशों के विदेशी छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष विवि को प्राकृतिक खेती का नोडल सेंटर बनाया गया है।
प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. आरके सिंह ने कहा कि चावल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने जो प्रगति की है, उसकी पहचान पूरे देश में है। पूर्वांचल के किसानों की समृद्धि और उन्हें सशक्त बनाने में कृषि विवि अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वैज्ञानिकों को शोध और नवाचार पर काम करना होगा। उपकार के महानिदेशक डाॅ. संजय सिंह ने कहा कि स्थापना के बाद 1987 से इस विवि में एक नई क्रांति आई। 2005 से लेकर 2020 तक विवि के प्रगति की रफ्तार धीमी रही। 2020 के बाद विश्वविद्यालय के स्वरूप में तेजी के साथ बदलाव आया है। उपकार की ओर से सभी कृषि विश्वविद्यालयों को करोड़ों रुपये की परियोजनाएं दी गईं हैं, जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण, कई पुस्तिकाओं का हुआ विमोचन
विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि विवि के वैज्ञानिकों ने अलग पहचान के लिए कड़ा परिश्रम किया है। विधायक चंद्रभानु पासवान ने कहा कि पूर्वांचल के किसानों को सशक्त बनाने में कृषि विवि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मंत्री ने विवि में नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया। अतिथियों ने कई पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, वित्त नियंत्रक नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके पाठक, कृषि अधिष्ठाता डाॅ. डीके सिंह, डॉ. सीताराम मिश्र, शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी व छात्र-छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक, वैज्ञानिक और कर्मचारी भी मौजूद रहे।